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निकाय चुनाव: आपतियों का निस्तारण नहीं, दावेदार हो गए तैयार
Updated Sun, 22 Oct 2017 11:11 PM IST
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मैनपुरी/किशनी। निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद के आरक्षण पर अभी आपत्तियों का निस्तारण तक नहीं हुआ है। अध्यक्ष पद के दावेदारों ने तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा, सपा तथा बसपा के रंग में रंगे होर्डिंग तथा बैनरों से जिलेको पाट दिया गया है। वहीं राजनीतिक दलों को आरक्षण पर अंतिम फैसले का इंतजार है।
निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद पर आरक्षण का अंतिम फैसला आने के साथ ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होनी शेष है। पर, अध्यक्ष पद के दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सपा, भाजपा तथा बसपा में टिकट मांगने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। शासन द्वारा तय किए गए आरक्षण के हिसाब से दावेदारों ने गतिविधियां बढ़ा दी हैं।
दावेदार प्रमुख नेताओं तथा जन प्रतिनिधियों के घरों के चक्कर लगा रहे हैं। कुछ दावेदार तो लखनऊ तक संपर्क कर रहे हैं। कुछ उत्साहित दावेदारों ने तो लोगों के बीच जाकर संपर्क तक करना शुरू कर दिया है। हालांकि चुनाव लड़ने के कुछ इच्छुक दावेदार आपत्तियों के निस्तारण का इंतजार भी कर रहे हैं।
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फिलहाल जिले भर में निकाय चुनाव की सरगर्मियां बढ़ती जा रही हैं। पिछले चुनाव में अधिकांश सीटों पर सपा सर्मथक ही जीते थे, जिसके चलते इस बार सीट बचाने की चुनौती होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। केंद्र और प्रदेश में सत्ता में होने के कारण भाजपा में भी इस बार दावेदार अधिक हैं। वहीं सभी पार्टियों के जिम्मेदार जिताऊ और टिकाऊ दावेदारों पर मंथन कर रहे हैं।
अध्यक्ष पद के दावेदारों तथा उनके सर्मथकों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है। त्योहार पर शुभ कामनाएं देने के बाद अब वह सार्वजनिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भी नजर आने लगे हैं। राजनीतिक रूप से सक्रिय लोगों की दावेदारी के बीच इस बार अन्य दावेदार भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं।
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निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद पर आरक्षण का अंतिम फैसला आने के साथ ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होनी शेष है। पर, अध्यक्ष पद के दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सपा, भाजपा तथा बसपा में टिकट मांगने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। शासन द्वारा तय किए गए आरक्षण के हिसाब से दावेदारों ने गतिविधियां बढ़ा दी हैं।
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दावेदार प्रमुख नेताओं तथा जन प्रतिनिधियों के घरों के चक्कर लगा रहे हैं। कुछ दावेदार तो लखनऊ तक संपर्क कर रहे हैं। कुछ उत्साहित दावेदारों ने तो लोगों के बीच जाकर संपर्क तक करना शुरू कर दिया है। हालांकि चुनाव लड़ने के कुछ इच्छुक दावेदार आपत्तियों के निस्तारण का इंतजार भी कर रहे हैं।
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फिलहाल जिले भर में निकाय चुनाव की सरगर्मियां बढ़ती जा रही हैं। पिछले चुनाव में अधिकांश सीटों पर सपा सर्मथक ही जीते थे, जिसके चलते इस बार सीट बचाने की चुनौती होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। केंद्र और प्रदेश में सत्ता में होने के कारण भाजपा में भी इस बार दावेदार अधिक हैं। वहीं सभी पार्टियों के जिम्मेदार जिताऊ और टिकाऊ दावेदारों पर मंथन कर रहे हैं।
अध्यक्ष पद के दावेदारों तथा उनके सर्मथकों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है। त्योहार पर शुभ कामनाएं देने के बाद अब वह सार्वजनिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भी नजर आने लगे हैं। राजनीतिक रूप से सक्रिय लोगों की दावेदारी के बीच इस बार अन्य दावेदार भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं।