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दिवाली पर जान जोखिम में डाल कर घर आए लोग
Updated Fri, 20 Oct 2017 11:22 PM IST
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टूंडला। दिवाली पर्व पर घर पहुंचने की जल्दी के चलते ट्रेनों में काफी भीड़ रही। इस दौरान लोग अपनी जान की परवाह किए बिना ट्रेनों के बीच में व लटकते हुए यात्रा की। वहीं कुछ यात्री ट्रेन छतों पर चढ़ गए, जिन्हें रेलवे पुलिस द्वारा जबरन उतरवाया गया। बसों में भीड़ के चलते छतों पर बैठकर यात्रा की। वहीं शुक्रवार को ट्रेनों व बसों में भीड़ न के बराबर ही दिखाई दी।
दिवाली जैसे महापर्व पर सभी की इच्छा रहती है कि वह इस पर्व को अपने परिवार के साथ-साथ मिलजुल कर मनाए। इसके लिए पूर्व से तैयार लोग तो पहले से ही आरक्षण आदि करवाकर अपने घरों पर पहुंच चुके थे। वहीं प्राइवेट नौकरी वाले दिवाली पर दिन में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर घर के लिए रवाना हुए, परंतु ट्रेनों में भारी भीड़ होने के कारण लोगों को ट्रेन के डिब्बे में प्रवेश करने तक की जगह नहीं मिली।
ट्रेनों का आलम यह था कि डिब्बों के शौंचालय, दो कोचों के बीच वाला खाली स्थान और उसके बाद भी लोगों को जगह नहीं मिली तो लोग जिंदगी की परवाह किए बगैर ट्रेनों की छतों पर यात्रा करने के लिए चढ़ गए। बाद में जीआरपी व आरपीएफ के जवानों ने इन रेल यात्रियों को आवश्यक बल प्रयोग कर ट्रेनों की छत व कोच को जोड़ने वाले स्थान को खाली करवाया। कदाचित बसों का हाल भी ट्रेनों जैसा था। वहीं दिवाली के दूसरे दिन ट्रेनों ही नहीं बसों में भी भीड़भाड़ कम ही दिखाई दी। फोटो-टूंडला में दिवाली के दिन
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दिवाली जैसे महापर्व पर सभी की इच्छा रहती है कि वह इस पर्व को अपने परिवार के साथ-साथ मिलजुल कर मनाए। इसके लिए पूर्व से तैयार लोग तो पहले से ही आरक्षण आदि करवाकर अपने घरों पर पहुंच चुके थे। वहीं प्राइवेट नौकरी वाले दिवाली पर दिन में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर घर के लिए रवाना हुए, परंतु ट्रेनों में भारी भीड़ होने के कारण लोगों को ट्रेन के डिब्बे में प्रवेश करने तक की जगह नहीं मिली।
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ट्रेनों का आलम यह था कि डिब्बों के शौंचालय, दो कोचों के बीच वाला खाली स्थान और उसके बाद भी लोगों को जगह नहीं मिली तो लोग जिंदगी की परवाह किए बगैर ट्रेनों की छतों पर यात्रा करने के लिए चढ़ गए। बाद में जीआरपी व आरपीएफ के जवानों ने इन रेल यात्रियों को आवश्यक बल प्रयोग कर ट्रेनों की छत व कोच को जोड़ने वाले स्थान को खाली करवाया। कदाचित बसों का हाल भी ट्रेनों जैसा था। वहीं दिवाली के दूसरे दिन ट्रेनों ही नहीं बसों में भी भीड़भाड़ कम ही दिखाई दी। फोटो-टूंडला में दिवाली के दिन
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