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ई-वे बिल बुधवार से शुरू, रजिस्ट्रेशन जरूरी
Updated Thu, 17 Aug 2017 01:47 PM IST
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जीएसटी
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आगरा। प्रदेश में बुधवार से ई-वे बिल की व्यवस्था शुरू हो गई। जीएसटी लागू होने के बाद केंद्र सरकार ने इसे अक्तूबर में लागू किया, लेकिन राज्य सरकार ने पहले इसे 26 जुलाई से लागू करने का आदेश दिया था। बाद में व्यापारियों के विरोध के कारण इसे 16 अगस्त तक आगे बढ़ा दिया गया। बुधवार को ई-वे बिल 01, 02, 03 और टीडीएफ 01 के जरिए माल का परिवहन शुरू कर दिया गया। हालांकि पहले दिन कम ही बिल जनरेट हो सके।
बुधवार से प्रदेश में लागू हो गए ई-वे बिल के लिए व्यापारी का जीएसटी में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन में व्यापारी का मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्रेशन के व्यापारी ई-वे बिल को जनरेट ही नहीं कर पाएंगे। वाणिज्य कर विभाग की वेबसाइट पर जीएसटी नंबर और पासवर्ड से ही लाग इन किया जा सकेगा। तभी यह बिल जनरेट होगा।
वाणिज्य कर विभाग के कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने सभी एडीशनल कमिश्नर को ई-वे बिल के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। चालान की वैद्यता तय होने के साथ उन्होंने कहा है कि अगर बिल की मियाद खत्म हो जाती है या गाड़ी खराब होने से समय सीमा खत्म होती है तो व्यापारी ज्वाइंट कमिश्नर को इसकी सूचना दे सकते हैं। वह व्यापारी की दिक्कतों को दूर करने के लिए जिम्मेदार होंगे।
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रेलवे, सड़क, हवाई मार्ग के जरिए माल परिवहन पर चालान की वैद्यता तय हुई है। देश के अंदर हवाई मार्ग से माल आयात करने पर ई-वे बिल की वैद्यता तीन दिन होगी, जबकि अपने साथ लाने पर सौ किमी तक एक दिन, 500 किमी तक 3 दिन, एक हजार किमी तक पांच दिन और एक हजार किमी से ज्यादा पर 7 दिन की होगी।
सड़क मार्ग से ई-वे बिल व्यवस्था
किमी चालान वैद्यता
0-100 किमी 24 घंटे
101-300 किमी 3 दिन
301-500 किमी 5 दिन
501-1000 किमी 10 दिन
1000 किमी से ज्यादा 20 दिन
रेलवे के जरिए ई-वे बिल व्यवस्था
किमी चालान वैद्यता
0-100 किमी 24 घंटे
101-500 किमी 3 दिन
501-1000 किमी 10 दिन
1000 किमी से ज्यादा 23 दिन
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बुधवार से प्रदेश में लागू हो गए ई-वे बिल के लिए व्यापारी का जीएसटी में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन में व्यापारी का मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्रेशन के व्यापारी ई-वे बिल को जनरेट ही नहीं कर पाएंगे। वाणिज्य कर विभाग की वेबसाइट पर जीएसटी नंबर और पासवर्ड से ही लाग इन किया जा सकेगा। तभी यह बिल जनरेट होगा।
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वाणिज्य कर विभाग के कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने सभी एडीशनल कमिश्नर को ई-वे बिल के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। चालान की वैद्यता तय होने के साथ उन्होंने कहा है कि अगर बिल की मियाद खत्म हो जाती है या गाड़ी खराब होने से समय सीमा खत्म होती है तो व्यापारी ज्वाइंट कमिश्नर को इसकी सूचना दे सकते हैं। वह व्यापारी की दिक्कतों को दूर करने के लिए जिम्मेदार होंगे।
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रेलवे, सड़क, हवाई मार्ग के जरिए माल परिवहन पर चालान की वैद्यता तय हुई है। देश के अंदर हवाई मार्ग से माल आयात करने पर ई-वे बिल की वैद्यता तीन दिन होगी, जबकि अपने साथ लाने पर सौ किमी तक एक दिन, 500 किमी तक 3 दिन, एक हजार किमी तक पांच दिन और एक हजार किमी से ज्यादा पर 7 दिन की होगी।
सड़क मार्ग से ई-वे बिल व्यवस्था
किमी चालान वैद्यता
0-100 किमी 24 घंटे
101-300 किमी 3 दिन
301-500 किमी 5 दिन
501-1000 किमी 10 दिन
1000 किमी से ज्यादा 20 दिन
रेलवे के जरिए ई-वे बिल व्यवस्था
किमी चालान वैद्यता
0-100 किमी 24 घंटे
101-500 किमी 3 दिन
501-1000 किमी 10 दिन
1000 किमी से ज्यादा 23 दिन