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सोरों के लहरा में सड़क पर पहुंची गंगा
Updated Sun, 06 Aug 2017 11:34 PM IST
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ganga
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कासगंज। गंगा नदी में लगातार उफान बढ़ रहा है। 24 घंटों में नरौरा से 25 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज और बढ़ गया। इससे गंगा में उफान तेज हो गया। बाढ़ प्रभावित तटवर्ती गांव में आबादी के बीच पानी तेजी से बढ़ रहा है। अभी गंगा में और पानी बढ़ने के आसार हैं। इससे तटवर्ती इलाकों में और हालात बिगड़ सकते हैं। वहीं लहरा पर गंगा का पानी सड़क पर आ गया है।
गौरतलब है कि शनिवार को गंगा में नरौरा बैराज से कछला की ओर 155986 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था, जो रविवार को बढ़कर 180747 क्यूसेक हो गया। वहीं नरौरा के पीछे बिजनौर बैराज पर करीब 70 हजार अधिक पानी का डिस्चार्ज बढ़ा हुआ है। ऐसी स्थिति में सोमवार को गंगा में और उफान होगा। तटवर्ती इलाकों में भी आबादी के बीच गंगा का पानी पहुंच चुका है।
किलौनी, किसौल, सुन्नगढ़ी, बमनपुरा क्षेत्र में आबादी तक गंगा के पानी पहुंच चुका है। जलस्तर बढ़ने पर इन इलाकों में संकट और गहरा सकता है। चारागाहों और खेत खलिहानों में पानी भरने के कारण चारे का संकट हो गया सोरों के लहरा इलाके में सड़क किनारे तक गंगा का पानी आ गया है। इससे पहले सड़क से चार किलोमीटर दूर गंगा की धारा बह रही थी। पानी बढ़ने पर लहरा की सड़कों पर यह पानी आ जाएगा। किसौल के गेंदा लाल ने कहा कि पानी लगातार बढ़ रहा है। उढ़ेर के शंकरपाल ने बताया कि उढ़ेर बांध से पानी केवल एक फुट नीचे बह रहा है।
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सावधानी से करें गंगा स्नान
कासगंज। रक्षाबंधन पर गंगा स्नान के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे। गंगा में उफान के कारण थोड़ी सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। गंगाघाट पर प्रशासन ने बल्लियां लगाकर रस्सियां बांधी है लेकिन अब यह बल्लियां भी गंगा में डूबने के कगार पर हैं। ऐसे हालात में गंगा स्नान बेहद सावधानी के साथ करना होगा। गंगा में पानी का प्रवाह भी तेज है। गंगा घाट पर रहने वाले जितेंद्र ने कहा कि यूं तो श्रद्धालुओं को गंगा स्नान करने से पहले पानी के बारे में आगाह कर दिया जाता है, लेकिन कुछ श्रद्धालु ध्यान नहीं देते और हादसे का शिकार हो जाते हैं।
गंगा में और पानी बढ़ने की आशंका है। अभी लगातार लो फ्लड के हालात है। सेामवार को बिजनौर से पानी का डिस्चार्ज और बढ़ेगा। इससे तटवर्ती इलाकों में सावधान रहने की जरूरत है।
- एके सिंह, बाढ़ नियंत्रण कक्ष के सहायक बाढ़ प्रभारी
जिले में मीडियम फ्लड के लगातार हालात बने हैं। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। तटवर्ती इलाके के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार नजर रखी जा रही है।
- आरपी सिंह, जिलाधिकारी
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गौरतलब है कि शनिवार को गंगा में नरौरा बैराज से कछला की ओर 155986 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था, जो रविवार को बढ़कर 180747 क्यूसेक हो गया। वहीं नरौरा के पीछे बिजनौर बैराज पर करीब 70 हजार अधिक पानी का डिस्चार्ज बढ़ा हुआ है। ऐसी स्थिति में सोमवार को गंगा में और उफान होगा। तटवर्ती इलाकों में भी आबादी के बीच गंगा का पानी पहुंच चुका है।
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किलौनी, किसौल, सुन्नगढ़ी, बमनपुरा क्षेत्र में आबादी तक गंगा के पानी पहुंच चुका है। जलस्तर बढ़ने पर इन इलाकों में संकट और गहरा सकता है। चारागाहों और खेत खलिहानों में पानी भरने के कारण चारे का संकट हो गया सोरों के लहरा इलाके में सड़क किनारे तक गंगा का पानी आ गया है। इससे पहले सड़क से चार किलोमीटर दूर गंगा की धारा बह रही थी। पानी बढ़ने पर लहरा की सड़कों पर यह पानी आ जाएगा। किसौल के गेंदा लाल ने कहा कि पानी लगातार बढ़ रहा है। उढ़ेर के शंकरपाल ने बताया कि उढ़ेर बांध से पानी केवल एक फुट नीचे बह रहा है।
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सावधानी से करें गंगा स्नान
कासगंज। रक्षाबंधन पर गंगा स्नान के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे। गंगा में उफान के कारण थोड़ी सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। गंगाघाट पर प्रशासन ने बल्लियां लगाकर रस्सियां बांधी है लेकिन अब यह बल्लियां भी गंगा में डूबने के कगार पर हैं। ऐसे हालात में गंगा स्नान बेहद सावधानी के साथ करना होगा। गंगा में पानी का प्रवाह भी तेज है। गंगा घाट पर रहने वाले जितेंद्र ने कहा कि यूं तो श्रद्धालुओं को गंगा स्नान करने से पहले पानी के बारे में आगाह कर दिया जाता है, लेकिन कुछ श्रद्धालु ध्यान नहीं देते और हादसे का शिकार हो जाते हैं।
गंगा में और पानी बढ़ने की आशंका है। अभी लगातार लो फ्लड के हालात है। सेामवार को बिजनौर से पानी का डिस्चार्ज और बढ़ेगा। इससे तटवर्ती इलाकों में सावधान रहने की जरूरत है।
- एके सिंह, बाढ़ नियंत्रण कक्ष के सहायक बाढ़ प्रभारी
जिले में मीडियम फ्लड के लगातार हालात बने हैं। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। तटवर्ती इलाके के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार नजर रखी जा रही है।
- आरपी सिंह, जिलाधिकारी