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खूब उमड़े-घुमड़े पर आधे भी नहीं बरसे मेघ
Updated Mon, 17 Jul 2017 11:29 PM IST
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मैनपुरी में होती बरसात
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। इस बार कम बारिश होने के कारण सभी परेशान हैं। जिले में खासकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिख रही हैं। आंकड़ों के अनुसार जिले में इस वर्ष 17 जुलाई तक औसतन 152.54 मिलीमीटर ही बारिश हुई है। जबकि पिछले वर्ष 17 जुलाई तक 477.36 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। बारिश न होने के कारण लोगों को गर्मी से भी राहत नहीं मिल रही है।
सोमवार को भी उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे। इस मौसम में रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। जिला अस्पताल में ही ओपीडी पर सामान्य दिनों की तुलना में दो गुने मरीज पहुंचे। सीएमएस डॉ. एके उपाध्याय का कहना है कि रोगियों की संख्या बढ़ी है। जिले में धान की फसल की रोपाई में भी किसानों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बारिश न होने से बाजरा, मक्का, उड़द, मूंग आदि की फसलों में भी नुकसान हो रहा है।
पशुओं में रोग फैलने का खतरा
हल्की बारिश के बाद तेज धूप निकलने से पशुओं में भी रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। उनमें खुर पका, मुंह पका आदि बीमारियां होने की आशंका है। सूखा चारा खाने से भी पशुओं में कुपच और बुखार की शिकायत मिल रही है।
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यह हैं आंकड़े
2016
माह औसतन बारिश
जून 85.01
जुलाई 113.30
अगस्त 253.72
सितंबर 4.66
अक्तूबर 20.67
2017
मार्च 9.13
मई 13.5
जून 79.74
जुलाई 50.17
जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा का कहना है कि इस वर्ष कम बारिश हुई है। इससे धान की फसल को नुकसान हुआ है। वहीं बाजरे की फसल भी सूख रही है।
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सोमवार को भी उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे। इस मौसम में रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। जिला अस्पताल में ही ओपीडी पर सामान्य दिनों की तुलना में दो गुने मरीज पहुंचे। सीएमएस डॉ. एके उपाध्याय का कहना है कि रोगियों की संख्या बढ़ी है। जिले में धान की फसल की रोपाई में भी किसानों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बारिश न होने से बाजरा, मक्का, उड़द, मूंग आदि की फसलों में भी नुकसान हो रहा है।
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पशुओं में रोग फैलने का खतरा
हल्की बारिश के बाद तेज धूप निकलने से पशुओं में भी रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। उनमें खुर पका, मुंह पका आदि बीमारियां होने की आशंका है। सूखा चारा खाने से भी पशुओं में कुपच और बुखार की शिकायत मिल रही है।
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यह हैं आंकड़े
2016
माह औसतन बारिश
जून 85.01
जुलाई 113.30
अगस्त 253.72
सितंबर 4.66
अक्तूबर 20.67
2017
मार्च 9.13
मई 13.5
जून 79.74
जुलाई 50.17
जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा का कहना है कि इस वर्ष कम बारिश हुई है। इससे धान की फसल को नुकसान हुआ है। वहीं बाजरे की फसल भी सूख रही है।