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पार्षदों को मिलीं 30-30 स्ट्रीट लाइट
Updated Wed, 28 Jun 2017 02:05 AM IST
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आगरा। पिछले करीब तीन वर्ष से एलईडी लाइट के लिए जद्दोजहद कर रहे पार्षदों को अब जाकर 30-30 लाइट मिली हैं। पार्षद इन लाइटों को अपने क्षेत्र में उन स्थानों पर लगवा सकेंगे जहां अब तक लाइट नहीं लगी हैं। शहर में अन्य खराब लाइटों को नगर निगम अपने स्तर से बदलवाए।
बिजली का खर्च कम करने के लिए शासन ने खंभों से ट्यूबलाइट और सोडियम के स्थान पर एलईडी का प्रयोग करने के निर्देश दिए थे। लेकिन नगर निगम में पिछले तीन वर्ष से लाइटों की खरीद पर सहमति नहीं बन पा रही थीं। इसका नतीजा यह हुआ कि शहर में करीब 46000 प्रकाश बिंदु में से लगभग 17000 प्रकाश बिंदु खराब हो गए।
छह माह पहले हुए सदन में नगर निगम ने प्रति पार्षद 30 स्ट्रीट लाइट स्वीकृत तो कर दीं लेकिन लाइटों को खरीद नहीं हो पाई। मंगलवार को सभी दलों के पार्षदाें ने नगर आयुक्त से इस संबंध में चर्चा की और कमेटी की बैठक बुलाकर स्ट्रीट लाइट स्वीकृति के प्रस्ताव को पास करा दिया। पार्षद रवि माथुर ने बताया कि पार्षद लाइट लगवाने और पुरानी ठीक कराने का प्रस्ताव दे सकते हैं। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि प्रस्ताव आने पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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विधायकों को लाइटें देने पर विवाद
बैठक में भाजपा पार्षद दल के प्रदीप अग्रवाल, मोहन सिंह लोधी, प्रकाश केशवानी ने कहा कि सदन के पदेन सदस्य तो विधायक और सांसद भी होते हैं लिहाज उनके नाम पर भी 30-30 लाइटें स्वीकृत की जाएं। इस पर बसपा पार्षद कर्मवीर सिंह, धर्मवीर सिंह आदि ने विरोध जता दिया। कहा कि वे अपनी निधि को खर्च कर लाइटें लगवाएं।
सदन की बैठक की तिथि नहीं तय
पार्षदों ने नगर आयुक्त के समक्ष सदन की बैठक का मुद्दा उठाया। कहा कि स्थगन की सूचना कम से कम 24 घंटे पहले मिलनी चाहिए। उन्होंने बैठक की तिथि जल्द तय करने की मांग की। मेयर इंद्रजीत आर्य से फोन पर चर्चा की गई लेकिन अभी बैठक की अगली तय नहीं हो सकी है।
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बिजली का खर्च कम करने के लिए शासन ने खंभों से ट्यूबलाइट और सोडियम के स्थान पर एलईडी का प्रयोग करने के निर्देश दिए थे। लेकिन नगर निगम में पिछले तीन वर्ष से लाइटों की खरीद पर सहमति नहीं बन पा रही थीं। इसका नतीजा यह हुआ कि शहर में करीब 46000 प्रकाश बिंदु में से लगभग 17000 प्रकाश बिंदु खराब हो गए।
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छह माह पहले हुए सदन में नगर निगम ने प्रति पार्षद 30 स्ट्रीट लाइट स्वीकृत तो कर दीं लेकिन लाइटों को खरीद नहीं हो पाई। मंगलवार को सभी दलों के पार्षदाें ने नगर आयुक्त से इस संबंध में चर्चा की और कमेटी की बैठक बुलाकर स्ट्रीट लाइट स्वीकृति के प्रस्ताव को पास करा दिया। पार्षद रवि माथुर ने बताया कि पार्षद लाइट लगवाने और पुरानी ठीक कराने का प्रस्ताव दे सकते हैं। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि प्रस्ताव आने पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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विधायकों को लाइटें देने पर विवाद
बैठक में भाजपा पार्षद दल के प्रदीप अग्रवाल, मोहन सिंह लोधी, प्रकाश केशवानी ने कहा कि सदन के पदेन सदस्य तो विधायक और सांसद भी होते हैं लिहाज उनके नाम पर भी 30-30 लाइटें स्वीकृत की जाएं। इस पर बसपा पार्षद कर्मवीर सिंह, धर्मवीर सिंह आदि ने विरोध जता दिया। कहा कि वे अपनी निधि को खर्च कर लाइटें लगवाएं।
सदन की बैठक की तिथि नहीं तय
पार्षदों ने नगर आयुक्त के समक्ष सदन की बैठक का मुद्दा उठाया। कहा कि स्थगन की सूचना कम से कम 24 घंटे पहले मिलनी चाहिए। उन्होंने बैठक की तिथि जल्द तय करने की मांग की। मेयर इंद्रजीत आर्य से फोन पर चर्चा की गई लेकिन अभी बैठक की अगली तय नहीं हो सकी है।