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अब जांच के बाद ही होगा पशुओं का इलाज
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:44 PM IST
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डेमो पिक
कासगंज।
अब जनपद में पशु चिकित्सा विभाग पशुओं का इलाज जांच के बाद करेगा। इसके लिए पशु चिकित्सालय में लैब का निर्माण कराया जा रहा है। लैब में पशुओं की जांच से संबंधित एक्स-रे मशीन सहित अन्य सभी सुविधाओं की व्यवस्था रहेगी। सुविधा के मिलने के बाद पशु पालकों को काफी राहत मिलेगी।
जनपद में लगभग चार लाख दुधारू पशुओं के अलावा अन्य पशुओं का भी पालन होता है। पशु के बीमार होने की स्थिति में पशुपालकों के सामने सबसे बड़ी समस्या इलाज की रहती है। जनपद में अब तक पशुओं के इलाज के लिए बेहतर व्यवस्थाएं नहीं थी। गंभीर स्थिति में पशुओं के ब्लड, यूरिन, गोबर आदि के सैंपल जनपद से बाहर भेजे जाते थे। वहां से रिपोर्ट मिलने के बाद ही पशुओं का विधिवत इलाज शुरू हो पाता था। समस्या के मद्देनजर शासन ने लैब की मंजूरी दे दी।
32 लाख की लागत से बनने वाली लैब के निर्माण के लिए धन मिलने के बाद कार्य शुरू कर दिया गया है। लैब बनने के बाद यहां पशुओं के एक्स-रे, ब्लड, गोबर, यूरिन आदि की जांच हो सकेगी और रिपोर्ट जल्दी मिलने से बेहतर इलाज हो सकेगा। उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी एके सागर ने बताया कि लैब का निर्माण तेजी से चल रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लैब शुरू हो जाएगी। इससे पशुपालकों को काफी मदद मिलेगी।
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अब जनपद में पशु चिकित्सा विभाग पशुओं का इलाज जांच के बाद करेगा। इसके लिए पशु चिकित्सालय में लैब का निर्माण कराया जा रहा है। लैब में पशुओं की जांच से संबंधित एक्स-रे मशीन सहित अन्य सभी सुविधाओं की व्यवस्था रहेगी। सुविधा के मिलने के बाद पशु पालकों को काफी राहत मिलेगी।
जनपद में लगभग चार लाख दुधारू पशुओं के अलावा अन्य पशुओं का भी पालन होता है। पशु के बीमार होने की स्थिति में पशुपालकों के सामने सबसे बड़ी समस्या इलाज की रहती है। जनपद में अब तक पशुओं के इलाज के लिए बेहतर व्यवस्थाएं नहीं थी। गंभीर स्थिति में पशुओं के ब्लड, यूरिन, गोबर आदि के सैंपल जनपद से बाहर भेजे जाते थे। वहां से रिपोर्ट मिलने के बाद ही पशुओं का विधिवत इलाज शुरू हो पाता था। समस्या के मद्देनजर शासन ने लैब की मंजूरी दे दी।
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32 लाख की लागत से बनने वाली लैब के निर्माण के लिए धन मिलने के बाद कार्य शुरू कर दिया गया है। लैब बनने के बाद यहां पशुओं के एक्स-रे, ब्लड, गोबर, यूरिन आदि की जांच हो सकेगी और रिपोर्ट जल्दी मिलने से बेहतर इलाज हो सकेगा। उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी एके सागर ने बताया कि लैब का निर्माण तेजी से चल रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लैब शुरू हो जाएगी। इससे पशुपालकों को काफी मदद मिलेगी।
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