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अस्थमा के मरीजों के उपचार में न हो लापरवाही
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मैनपुरी। अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ने से जिला अस्पताल भी चिंतित हो गया है। सीएमएस ने अस्थ्मा के मरीजों को बेहतर उपचार देने के लिए निर्देशित किया है। वहीं मरीजों को जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त वार्ड में भर्ती कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से अस्थमा के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ चली है। छह दिन में पांच मरीजों की मौत होने से विभाग भी चिंतित हो गया है। सीएमएस डॉ. आरके सागर ने अस्थमा के मरीजों की बेहतर देखभाल करने के निर्देश दिए हैं।
इसके लिए उन्होंने फिजीशियन डॉ. जेजे राम, चेस्ट फिजीशियन डॉ. धर्मेंद्र कुमार को निर्देश दिए हैं कि वे मरीजों को समय से ओपीडी में देखें। वहीं कॉल पहुंचने पर अस्थमा के मरीज को 24 घंटे प्राथमिकता से देखा जाए। अस्थमा के मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जानी चाहिए। सीएमएस ने चेतावनी भी दी कि यदि मरीज के उपचार में लापरवाही हुई तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। अस्थमा से पीड़ित 33 मरीजों को जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। वहीं नौ मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया।
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इसके लिए उन्होंने फिजीशियन डॉ. जेजे राम, चेस्ट फिजीशियन डॉ. धर्मेंद्र कुमार को निर्देश दिए हैं कि वे मरीजों को समय से ओपीडी में देखें। वहीं कॉल पहुंचने पर अस्थमा के मरीज को 24 घंटे प्राथमिकता से देखा जाए। अस्थमा के मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जानी चाहिए। सीएमएस ने चेतावनी भी दी कि यदि मरीज के उपचार में लापरवाही हुई तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। अस्थमा से पीड़ित 33 मरीजों को जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। वहीं नौ मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया।
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