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अब फोरलेन होगा 225 किलोमीटर का मथुरा, बरेली मार्ग
Updated Sun, 25 Nov 2018 08:51 PM IST
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मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण के शहर को उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से सीधे जोड़ने वाला पीलीभीत-बरेली-मथुरा-भरतपुर मार्ग अब फोरलेन होगा। 225 किलोमीटर की लंबाई वाले इस मार्ग का नाम भी एनएच-33 हो गया है। इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए हाईवे अथारिटी डीपीआर तैयार कर रही है।
उत्तराखंड के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग मथुरा आने के लिए पीलीभीत-बरेली-मथुरा-भरतपुर मार्ग का ही इस्तेमाल करते हैं। यह मार्ग सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता है। लेकिन पिछले दो साल से इस मार्ग की हालत बेहद खराब है। सड़क टूट चुकी हैं। ट्रैफिक बढ़ने के कारण आए दिन जाम लगता है।
स्थिति यह है कि कई प्वाइंट पर तो वाहन दौड़ने की बजाए रेंगते नजर आते हैं। लेकिन अब इस राज्य मार्ग को भी एनएच-33 का नाम दे दिया गया है। हाईवे अथारिटी को हस्तांतरित होने के बाद इस मार्ग को फोरलेन करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
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हाईवे अथारिटी के इंजीनियर डीपीआर तैयार कर रहे हैं। लोकनिर्माण विभाग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता सूरज कुमार ने बताया कि यह मार्ग हाईवे अथारिटी को हस्तांतरित हो चुका है। अब इस मार्ग का निर्माण अथारिटी वाले ही कराएंगे। इस मार्ग का चौड़ीकरण हो जाने से यातायात व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी। मथुरा में जो 50 किलोमीटर का मार्ग पड़ता है वह भी चौड़ा हो जाएगा।
राया के जाम से बचने को निकलेगा बाईपास
मथुरा। हाईवे अथारिटी जो डीपीआर तैयार कर रही है उसके मुताबिक ट्रैफिक को जाम से बचाने के लिए राया में बाईपास निकाला जाएगा। इस बाईपास के बनने से लड़खड़ाई ट्रैफिक व्यवस्था काफी हद तक दूर हो जाएगी। मथुर-अलीगढ़ मार्ग पर भी ट्रैफिक व्यवस्था सुधर जाएगी। रेलवे क्रासिंग जहां भी पड़ेगा वहां फ्लाईओवर बवार्ष्णेयनाया जाएगा। आबादी के आसपास भी फ्लाईओवर निकाला जाएगा।
यह है मार्ग भरतपुर-जाजनपट्टी-मथुरा-राया-हाथरस-सिकंदराराऊ-कासगंज-उझानी-बदायूं-बरेली-पीलीभीत
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उत्तराखंड के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग मथुरा आने के लिए पीलीभीत-बरेली-मथुरा-भरतपुर मार्ग का ही इस्तेमाल करते हैं। यह मार्ग सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता है। लेकिन पिछले दो साल से इस मार्ग की हालत बेहद खराब है। सड़क टूट चुकी हैं। ट्रैफिक बढ़ने के कारण आए दिन जाम लगता है।
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स्थिति यह है कि कई प्वाइंट पर तो वाहन दौड़ने की बजाए रेंगते नजर आते हैं। लेकिन अब इस राज्य मार्ग को भी एनएच-33 का नाम दे दिया गया है। हाईवे अथारिटी को हस्तांतरित होने के बाद इस मार्ग को फोरलेन करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
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हाईवे अथारिटी के इंजीनियर डीपीआर तैयार कर रहे हैं। लोकनिर्माण विभाग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता सूरज कुमार ने बताया कि यह मार्ग हाईवे अथारिटी को हस्तांतरित हो चुका है। अब इस मार्ग का निर्माण अथारिटी वाले ही कराएंगे। इस मार्ग का चौड़ीकरण हो जाने से यातायात व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी। मथुरा में जो 50 किलोमीटर का मार्ग पड़ता है वह भी चौड़ा हो जाएगा।
राया के जाम से बचने को निकलेगा बाईपास
मथुरा। हाईवे अथारिटी जो डीपीआर तैयार कर रही है उसके मुताबिक ट्रैफिक को जाम से बचाने के लिए राया में बाईपास निकाला जाएगा। इस बाईपास के बनने से लड़खड़ाई ट्रैफिक व्यवस्था काफी हद तक दूर हो जाएगी। मथुर-अलीगढ़ मार्ग पर भी ट्रैफिक व्यवस्था सुधर जाएगी। रेलवे क्रासिंग जहां भी पड़ेगा वहां फ्लाईओवर बवार्ष्णेयनाया जाएगा। आबादी के आसपास भी फ्लाईओवर निकाला जाएगा।
यह है मार्ग भरतपुर-जाजनपट्टी-मथुरा-राया-हाथरस-सिकंदराराऊ-कासगंज-उझानी-बदायूं-बरेली-पीलीभीत