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अमावस्या पर यमुना स्नान कर किया पितरों का तर्पण
Updated Mon, 08 Oct 2018 08:04 PM IST
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मथुरा। सोमवार को अमावस्या पर लोगों ने यमुना में स्नान कर पितरों का तर्पण किया। हालांकि मंगलवार को भी घरों में अमावस्या का श्राद्ध किया जाएगा। मान्यता है कि जिन लोगों को अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि याद न हो वह इस दिन उनका श्राद्ध व तर्पण कर सकते हैं।
ब्रह्म भारती द्वारा सोमवार को यमुना के असकुंडा घाट पर पितरों को याद किया गया। इस दौरान गणेश मंदिर के सेवायत चन्द्रशेखर शर्मा के आचार्यत्व में राजेन्द्रदत्त आचार्य, जगदीश मिश्रा, महेन्द्र दत्त आचार्य, पंकज शर्मा, मुखिया भागवताचार्य, नारायण प्रसाद शर्मा, मुनमुन गुरु, राजनारायण गौड़, दिवाकर शर्मा आदि ने भूले-बिछुड़े पितरों को याद कर यमुना स्नान किया।
दीपक ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि आठ अक्तूबर को 11 बजकर 33 मिनट तक चतुर्दशी तिथि रही। इसके बाद अमावस्या की तिथि लगी, अमावस्या पर श्राद्ध किया गया। नौ अक्तूबर को यह तिथि 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगी।
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ब्रह्म भारती द्वारा सोमवार को यमुना के असकुंडा घाट पर पितरों को याद किया गया। इस दौरान गणेश मंदिर के सेवायत चन्द्रशेखर शर्मा के आचार्यत्व में राजेन्द्रदत्त आचार्य, जगदीश मिश्रा, महेन्द्र दत्त आचार्य, पंकज शर्मा, मुखिया भागवताचार्य, नारायण प्रसाद शर्मा, मुनमुन गुरु, राजनारायण गौड़, दिवाकर शर्मा आदि ने भूले-बिछुड़े पितरों को याद कर यमुना स्नान किया।
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दीपक ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि आठ अक्तूबर को 11 बजकर 33 मिनट तक चतुर्दशी तिथि रही। इसके बाद अमावस्या की तिथि लगी, अमावस्या पर श्राद्ध किया गया। नौ अक्तूबर को यह तिथि 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगी।
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