फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   पीड़ितों को नहीं मिल पा रही बाढ़ से राहत, अब बारिश भी बन रही आफत

पीड़ितों को नहीं मिल पा रही बाढ़ से राहत, अब बारिश भी बन रही आफत

Tue, 14 Aug 2018 11:16 PM IST
Updated Tue, 14 Aug 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
पीड़ितों को नहीं मिल पा रही बाढ़ से राहत, अब बारिश भी बन रही आफत
कासगंज। गंगा में बाढ़ का कहर तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। अभी तक लोगों को बाढ़ की समस्या से निजात नहीं मिल सकी, अब बारिश का पानी उनके लिए और मुसीबत खड़ा कर रहा है। गंगा के जलस्तर में बुधवार को और वृद्धि होने की आशंका है। मंगलवार को गंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। बाढ़ से परेशान ग्रामीण राहत के इंतजार में हैं। ग्रामीणों का पूरा दिन बाढ़ के बचाव के उपायों में निकल रहा है।
विज्ञापन


एक पखवाड़े से ग्रामीण गंगा की बाढ़ से परेशान हैं। जिले में कभी लो फ्लड के हालात बनते हैं तो कभी मीडियम फ्लड के। अभी तक ग्रामीणों को इस संकट से निजात नहीं मिल पा रही। जिले के 20 से अधिक गांव बाढ़ आपदा के शिकार हैं। बाढ़ के पानी से कटे हुए मार्ग भी अभी तक सही नहीं हो पाए हैं। जिसके कारण ग्रामीणों को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक की स्कूली बच्चे भी गड्ढे में उतरकर पानी के बीच से गुजर रहे हैं। यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अभी अनदेखी हो रही है बाद में बच्चों की जान के खतरे के लिए कौन जिम्मेदार होगा। अजीतनगर की सड़कों पर मंगलवार को यही नजारा देखने को मिला। जिन गांव में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। वहां से अभी पानी की निकासी नहीं हो पा रही। पशुओं के चारे का संकट लगातार गहरा रहा है। पानी से जलमग्न फसलें सड़ने के कगार पर आ पहुंची है। ग्रामीण प्रतिदिन अपनी बर्बादी पर आंसू बहा रहे हैं। मंगलवार को नरौरा बैराज से 1.22 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। यह डिस्चार्ज सोमवार को भी इतना ही था। लगातार एक सा डिस्चार्ज रहने के कारण गंगा के जलस्तर में 10 सेंटी मीटर की वृद्धि हो गई और गंगा का जलस्तर 163.50 के निशान पर जा पहुंचा। बिजनौर बैराज पर सोमवार को 75 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था जो बढ़कर 1.46 लाख क्यूसेक पर आ गया। बिजनौर पर पानी का दबाव ज्यादा होने के कारण बुधवार को नरौरा का डिस्चार्ज तेजी से बढ़ेगा जिससे जलस्तर में वृद्धि होगी और बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुसीबत और बढ़ेगी। बुधवार को मीडियम फ्लड होने की संभावना है। बमनपुरा के ग्रामीण नन्नू सिंह ने बताया कि बाढ़ के पानी के कारण वे कई दिनों से प्लास्टिक का तिरपाल बंाधकर सड़क के किनारे रह रहे हैं। यहीं पर पूरा परिवार रह रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से शीघ्र निजात नहीं मिली तो फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगी।
विज्ञापन

डिस्चार्ज-
नरौरा से डिस्चार्ज- 122173 क्यूसेक
बिजनौर से डिस्चार्ज- 146275 क्यूसेक
हरिद्वार से डिस्चार्ज- 62079 क्यूसेक
कछला गेज- 163.50 मीटर के निशान पर।
- गंगा के पानी में वृद्धि हो रही है। हरिद्वार से सोमवार को डिस्चार्ज बढ़ जाने के कारण बिजनौर पर डिस्चार्ज बढ़ा है। जिसका असर बुधवार को नरौरा पर आ जाएगा। जिससे जलस्तर में और वृद्धि होगी। अभी किसी भी तटबंध को बाढ़ से क्षति नहीं हुई है। सभी तटबंध सुरक्षित हैं। लगातार निगरानी और सतर्कता की जा रही है- एके सिंह, सहायक बाढ़ प्रभारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed