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अब मरीजों को मिलेगा सीलबंद पैकेट का दूध
Updated Tue, 05 Jun 2018 10:29 PM IST
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मैनपुरी। जिला अस्पताल में अब मरीजों को मिलने वाला दूध खुला नहीं मिलेगा। स्वास्थ्य निदेशक के निर्देश पर सील पैकेट दूध उपलब्ध कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मरीजों के हितों को देखते हुए शासन ने यह निर्णय लिया है। विभाग ने भी नए निर्देशों के पालन के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिला अस्पताल में मरीजों को प्रतिदिन दूध उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इसके लिए अभी तक जिला अस्पताल में आगरा की एक संस्था द्वारा खुला दूध उपलब्ध कराया जाता है।
अब इस दूध को पाबंद कर दिया गया है। स्वास्थ्य निदेशक ने सीएमओ और सीएमएस को भेजे निर्देशों में कहा है कि अस्पतालों में मरीजों को सील बंद पैकेट का दूध उपलब्ध कराया जाए। ताकि उसे शुद्ध रखा जा सके। निदेशक के निर्देश के बाद सीएमएस ने जिला अस्पताल में सीलबंद दूध की व्यवस्था कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. जेजे राम बताते हैं कि खुले दूध में कई प्रकार की बीमारियां फैलने की आशंका बनी रहती है।
दूध को फ्रिज आदि में ठंडा भी नहीं किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त खुले दूध में कीड़े आदि गिरने की संभावना भी बनी रहती है। सीलबंद दूध को फ्रिज में ठंडा किया जा सकता है। उसमें किसी प्रकार के कीड़े भी नहीं पडेंगे और लोग बीमारियों की चपेट में आने से भी बचेंगे। निदेशक का पत्र प्राप्त हो चुका है। सील बंद पैकेट दूध के लिए व्यवस्था की जा रही है। शीघ्र ही मरीजों को सीलबंद पैकेट का दूध प्राप्त होगा। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं।
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अब इस दूध को पाबंद कर दिया गया है। स्वास्थ्य निदेशक ने सीएमओ और सीएमएस को भेजे निर्देशों में कहा है कि अस्पतालों में मरीजों को सील बंद पैकेट का दूध उपलब्ध कराया जाए। ताकि उसे शुद्ध रखा जा सके। निदेशक के निर्देश के बाद सीएमएस ने जिला अस्पताल में सीलबंद दूध की व्यवस्था कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. जेजे राम बताते हैं कि खुले दूध में कई प्रकार की बीमारियां फैलने की आशंका बनी रहती है।
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दूध को फ्रिज आदि में ठंडा भी नहीं किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त खुले दूध में कीड़े आदि गिरने की संभावना भी बनी रहती है। सीलबंद दूध को फ्रिज में ठंडा किया जा सकता है। उसमें किसी प्रकार के कीड़े भी नहीं पडेंगे और लोग बीमारियों की चपेट में आने से भी बचेंगे। निदेशक का पत्र प्राप्त हो चुका है। सील बंद पैकेट दूध के लिए व्यवस्था की जा रही है। शीघ्र ही मरीजों को सीलबंद पैकेट का दूध प्राप्त होगा। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं।
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