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बिना पर्यावरण बोर्ड की अनुमति के चल रही थी फैक्ट्री
Updated Thu, 19 Apr 2018 11:52 PM IST
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कांच कारखाना
- फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद। औद्योगिक क्षेत्र नगला भाऊ में एक मार्च को केमिकल फैक्ट्री में रात में धमाके से पूरा क्षेत्र दहल गया था। यह फैक्ट्री बिना पर्यावरण बोर्ड की अनुमति के संचालित हो रही थी।
केमिकल फैक्ट्री में हुए विस्फोट पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नगला भाऊ में जीपी केमिकल फैक्ट्री में रात दो बजे धमाका हुआ। केमिकल फैक्ट्री में धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री के पूरे टिनशेड के परखच्चे उड़ गए थे।
आसपास कारखानों की दीवार चटक गई थी। आफिसों के कांच टूट गया। डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी, उद्योग विभाग, फायर विभाग ने फैक्ट्री का निरीक्षण किया जिसमें यह बात सामने आई थी कि यह फैक्ट्री बिना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति के संचालित हो रही थी।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी थी। डीएम ने केमिकल फैक्ट्री में हुए धमाके की घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा है कि जीपी केमिकल का कोई पंजीयन नहीं है, जो आपत्तिजनक है।
किसी भी इकाई के लिए उद्योग विभाग, सहायक निदेशक कारखाना, श्रम विभाग, व्यापार कर विभाग में पंजीयन कराना आवश्यक है। जीपी केमिकल में फैक्ट्री में उपयोग किए जा रहे केमिकल विस्फोटक हैं, जिनके लिए फायर विभाग से एनओसी लेना होता है। इसके अतिरिक्त इकाई का नाली में बहाया जाने वाला केमिकल जल प्रदूषण और पर्यावरण के लिए घातक है। सिटी मजिस्ट्रेट को इकाई को नोटिस जारी करने को कहा।
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केमिकल फैक्ट्री में हुए विस्फोट पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नगला भाऊ में जीपी केमिकल फैक्ट्री में रात दो बजे धमाका हुआ। केमिकल फैक्ट्री में धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री के पूरे टिनशेड के परखच्चे उड़ गए थे।
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आसपास कारखानों की दीवार चटक गई थी। आफिसों के कांच टूट गया। डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी, उद्योग विभाग, फायर विभाग ने फैक्ट्री का निरीक्षण किया जिसमें यह बात सामने आई थी कि यह फैक्ट्री बिना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति के संचालित हो रही थी।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी थी। डीएम ने केमिकल फैक्ट्री में हुए धमाके की घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा है कि जीपी केमिकल का कोई पंजीयन नहीं है, जो आपत्तिजनक है।
किसी भी इकाई के लिए उद्योग विभाग, सहायक निदेशक कारखाना, श्रम विभाग, व्यापार कर विभाग में पंजीयन कराना आवश्यक है। जीपी केमिकल में फैक्ट्री में उपयोग किए जा रहे केमिकल विस्फोटक हैं, जिनके लिए फायर विभाग से एनओसी लेना होता है। इसके अतिरिक्त इकाई का नाली में बहाया जाने वाला केमिकल जल प्रदूषण और पर्यावरण के लिए घातक है। सिटी मजिस्ट्रेट को इकाई को नोटिस जारी करने को कहा।