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संजय कर रहा सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
Updated Fri, 06 Apr 2018 11:02 PM IST
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संजय कर रहा सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। निजामपुर बारात प्रकरण लगातार सुर्खियों में है। दलित परिवार एवं युवक संजय उच्च न्यायालय में याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं युवक संजय ने लड़की के नाबालिग होने के कारण पुन: शादी की तिथि तय करने का निर्णय लिया है। उसने बताया कि वह जल्द ही शादी की नई तिथि के संबंध में डीएम को मांगपत्र सौंपकर घोषणा करेगा।
निजामपुर प्रकरण फरवरी माह से सुर्खियों में है। हाथरस का युवक संजय पूरे निजामपुर गांव में अपनी बारात का भ्रमण कराकर परंपरा तोड़ना चाहता है। हालांकि प्रशासन इस बात पर तैयार है कि संजय अपनी बारात चढ़ाए, लेकिन गांव की परंपरा नहीं तोड़ी जाए। प्रशासन का आकलन है कि नई परंपरा की शुरूआत से गांव में झगड़ा हो सकता है। ऐसी आशंका के मद्देनजर प्रशासन पूरे गांव में बारात भ्रमण को तैयार नहीं है।
उच्च न्यायालय ने मामले में स्पष्ट कर दिया कि यह मामला प्रशासनिक एवं पुलिस के स्तर का है। ऐसे में न्यायालय के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। हाईकोर्ट में रिट खारिज होने के बाद युवक अब सुप्रीम कोर्ट में रिट डालने की तैयारी कर रहा है। युवक संजय ने कहा कि वह अपने संवैधानिक अधिकार की मांग कर रहा है। बारात चढ़ाना उसका मौलिक अधिकार है।
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कोई उसे बारात चढ़ाने से कैसे रोक सकता है? उन्होंने कहा कि अधिकार के बीच में परंपरा नहीं आनी चाहिए। इसलिए वह अपना संघर्ष जारी रखेगा। युवक ने कहा कि वह शादी की नई तिथि तय करके शीघ्र जानकारी देगा। जिलाधिकारी के समक्ष पुन: आवेदन दिया जाएगा।
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निजामपुर प्रकरण फरवरी माह से सुर्खियों में है। हाथरस का युवक संजय पूरे निजामपुर गांव में अपनी बारात का भ्रमण कराकर परंपरा तोड़ना चाहता है। हालांकि प्रशासन इस बात पर तैयार है कि संजय अपनी बारात चढ़ाए, लेकिन गांव की परंपरा नहीं तोड़ी जाए। प्रशासन का आकलन है कि नई परंपरा की शुरूआत से गांव में झगड़ा हो सकता है। ऐसी आशंका के मद्देनजर प्रशासन पूरे गांव में बारात भ्रमण को तैयार नहीं है।
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उच्च न्यायालय ने मामले में स्पष्ट कर दिया कि यह मामला प्रशासनिक एवं पुलिस के स्तर का है। ऐसे में न्यायालय के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। हाईकोर्ट में रिट खारिज होने के बाद युवक अब सुप्रीम कोर्ट में रिट डालने की तैयारी कर रहा है। युवक संजय ने कहा कि वह अपने संवैधानिक अधिकार की मांग कर रहा है। बारात चढ़ाना उसका मौलिक अधिकार है।
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कोई उसे बारात चढ़ाने से कैसे रोक सकता है? उन्होंने कहा कि अधिकार के बीच में परंपरा नहीं आनी चाहिए। इसलिए वह अपना संघर्ष जारी रखेगा। युवक ने कहा कि वह शादी की नई तिथि तय करके शीघ्र जानकारी देगा। जिलाधिकारी के समक्ष पुन: आवेदन दिया जाएगा।