{"_id":"5ac3896e4f1c1bdd618b5370","slug":"201522764142-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकायतकर्ताओं के नाम राशन कार्ड की लिस्ट से गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिकायतकर्ताओं के नाम राशन कार्ड की लिस्ट से गायब
Updated Tue, 03 Apr 2018 08:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। गांव मुडे़सी में 100 से अधिक अंत्योदय कार्ड धारकों के नाम राशन कार्ड की लिस्ट से गायब कर दिए हैं। मामले की जांच डीएम ने नायब तहसीलदार को सौंपी है। उधर, आरोप है कि गरीबों के राशन को हजम कर रहे डीलरों की पैरोकारी विभागीय अधिकारी कर रहे हैं। अधिकारी चहेते डीलरों के खिलाफ आ रही शिकायतों को निस्प्रभावी करने में लगे हैं।
तहसील सदर के गांव मुडेसी के मनमोहन शर्मा ने 28 फरवरी में जिला पूर्ति अधिकारी को शिकायत दर्ज कराई थी कि राशन डीलर गांव में अंत्योदय कार्ड धारकों को राशन नहीं दे रहा है। शपथ पत्र के साथ उक्त कार्ड धारकों की लिस्ट भी उन्हें सौंपी गई। मामले में 15 दिन बाद भी जांच शुरू न होने पर ग्रामीणों ने तहसील दिवस में 13 मार्च को शिकायत डीएम से कर दी।
शिकायत में विभागीय अधिकारियों पर लेनदेन का आरोप लगने के कारण डीएम ने जांच नायब तहसीलदार को सौंपी। जांच प्रक्रिया के तहत पूर्व निर्धारित कार्ड धारकों की लिस्ट के मुताबिक 45 अंत्योदय कार्ड धारकों के बयान भी ले लिए गए। जांच और आगे बढ़ती विभागीय अधिकारियों ने डीलर को बचाने के लिए शिकायती कार्ड धारकों को लिस्ट से ही गायब कर दिया। अब इसकी शिकायत एक बार फिर डीएम के समक्ष पहुंच गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
तहसील सदर के गांव मुडेसी के मनमोहन शर्मा ने 28 फरवरी में जिला पूर्ति अधिकारी को शिकायत दर्ज कराई थी कि राशन डीलर गांव में अंत्योदय कार्ड धारकों को राशन नहीं दे रहा है। शपथ पत्र के साथ उक्त कार्ड धारकों की लिस्ट भी उन्हें सौंपी गई। मामले में 15 दिन बाद भी जांच शुरू न होने पर ग्रामीणों ने तहसील दिवस में 13 मार्च को शिकायत डीएम से कर दी।
विज्ञापन
शिकायत में विभागीय अधिकारियों पर लेनदेन का आरोप लगने के कारण डीएम ने जांच नायब तहसीलदार को सौंपी। जांच प्रक्रिया के तहत पूर्व निर्धारित कार्ड धारकों की लिस्ट के मुताबिक 45 अंत्योदय कार्ड धारकों के बयान भी ले लिए गए। जांच और आगे बढ़ती विभागीय अधिकारियों ने डीलर को बचाने के लिए शिकायती कार्ड धारकों को लिस्ट से ही गायब कर दिया। अब इसकी शिकायत एक बार फिर डीएम के समक्ष पहुंच गई है।
विज्ञापन