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टीटीजेड में दस साल पुराने वाहनों पर कसेगा शिकंजा
Updated Wed, 14 Feb 2018 12:21 AM IST
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pollution
- फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद। ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में बढ़ते प्रदूषण को लेकर कांच उद्योग पर तमाम बंदिशें लग चुकी हैं। अब उद्योगों के साथ-साथ दस साल पुराने वाहनों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है।
फिरोजाबाद ताज ट्रिपेजियम जोन के अंतर्गत आता है। टीटीजेड क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट, एनजीटी, पर्यावरण मंत्रालय के साथ टीटीजेड अथॉरिटी की सख्ती निरंतर बढ़ती जा रही है। फिरोजाबाद में बढ़ते प्रदूषण के मुख्य कारण जानने के लिए जिला प्रशासन द्वारा नागपुर की संस्था नीरी (नेशनल इनवायरमेंट ऑफ रिसर्च इंस्टीट्यूट) से विस्तृत जांच कराई गई थी।
नीरी द्वारा सौंपी गई 125 पेज की विस्तृत में रिपोर्ट में कांच उद्योग को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार नहीं बताया गया। प्रदूषण का मुख्य कारण हाईवे पर हजारों की संख्या में दौड़ते वाहन, सड़क निर्माण से उड़ने वाली धूल को माना गया था। गत माह आयोजित हुई टीटीजेड अथॉरिटी की बैठक में मंडलायुक्त द्वारा टीटीजेड क्षेत्र में प्रदूषण कम करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मंडलायुक्त के. राममोहन राव के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एआरटीओ को पत्र भेजकर दस साल पुराने वाहन तथा पुन: रजिस्ट्रेशन कराने वाले वाहनों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि एआरटीओ विभाग ने दस साल पुराने वालों की सूची तलब की है। सूची प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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फिरोजाबाद ताज ट्रिपेजियम जोन के अंतर्गत आता है। टीटीजेड क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट, एनजीटी, पर्यावरण मंत्रालय के साथ टीटीजेड अथॉरिटी की सख्ती निरंतर बढ़ती जा रही है। फिरोजाबाद में बढ़ते प्रदूषण के मुख्य कारण जानने के लिए जिला प्रशासन द्वारा नागपुर की संस्था नीरी (नेशनल इनवायरमेंट ऑफ रिसर्च इंस्टीट्यूट) से विस्तृत जांच कराई गई थी।
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नीरी द्वारा सौंपी गई 125 पेज की विस्तृत में रिपोर्ट में कांच उद्योग को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार नहीं बताया गया। प्रदूषण का मुख्य कारण हाईवे पर हजारों की संख्या में दौड़ते वाहन, सड़क निर्माण से उड़ने वाली धूल को माना गया था। गत माह आयोजित हुई टीटीजेड अथॉरिटी की बैठक में मंडलायुक्त द्वारा टीटीजेड क्षेत्र में प्रदूषण कम करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मंडलायुक्त के. राममोहन राव के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एआरटीओ को पत्र भेजकर दस साल पुराने वाहन तथा पुन: रजिस्ट्रेशन कराने वाले वाहनों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि एआरटीओ विभाग ने दस साल पुराने वालों की सूची तलब की है। सूची प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।