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एडीएम को छापे में खाली मिले दफ्तर
Updated Wed, 27 Dec 2017 08:14 PM IST
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निरीक्षण करते एडीएम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मथुरा। एडीएम वित्त रवींद्र कुमार के छापे में सिंचाई अपर खंड आगरा कैनाल के दफ्तर खाली मिले। यहां न अफसर थे, न अधिकांश बाबू। कार्यालय भी व्यवस्थित नहीं मिला। सहायक अभियंता पलवल के कार्यालय पर ताला लटका हुआ मिला। एडीएम को देख मौजूद कर्मचारियों में खलबली मच गई।
बुधवार को प्रात: 11 बजे एडीएम वित्त रवींद्र कुमार अचानक सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित सिंचाई अपर खंड आगरा कैनाल पहुंच गए। यहां सबसे पहले एडीएम ने उपस्थित पंजिका पर नजर डाली। कई कर्मचारियों ने हस्ताक्षर नहीं थे, तो कुछ हस्ताक्षर के बाद उपस्थित नहीं थे। कार्यालय का हाल भी ठीक नहीं था। सहायक अभियंता पलवल के कार्यालय पर ताला लगा था। बाहर मकड़ियों का जाल देख प्रतीत हो रहा था कि काफी दिनों से इसे नहीं खोला गया है। अधिशासी अभियंता के बारे में भी मौजूदा कर्मचारियों से पूछताछ की गई।
एडीएम ने बताया कि वरिष्ठ सहायक हर्षित कुमार और भावना गोयल, प्रारूपकार बृजेश कुमार के उपस्थित पंजिका पर दो दिन के हस्ताक्षर नहीं थे। अवकाश का प्रार्थना पत्र भी नहीं था। प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप अग्रवाल, कनिष्ठ सहायक मुकुल शर्मा और रनर वीरपाल अनुपस्थित मिले। इनके अलावा मुकेश कुमार, विनोद कुमार, संदीप शर्मा, ओमप्रकाश के उपस्थित पंजिका पर हस्ताक्षर तो थे, लेकिन मौके पर नहीं मिले। सभी से स्पष्टीकरण के आदेश दिए गए हैं।
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बुधवार को प्रात: 11 बजे एडीएम वित्त रवींद्र कुमार अचानक सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित सिंचाई अपर खंड आगरा कैनाल पहुंच गए। यहां सबसे पहले एडीएम ने उपस्थित पंजिका पर नजर डाली। कई कर्मचारियों ने हस्ताक्षर नहीं थे, तो कुछ हस्ताक्षर के बाद उपस्थित नहीं थे। कार्यालय का हाल भी ठीक नहीं था। सहायक अभियंता पलवल के कार्यालय पर ताला लगा था। बाहर मकड़ियों का जाल देख प्रतीत हो रहा था कि काफी दिनों से इसे नहीं खोला गया है। अधिशासी अभियंता के बारे में भी मौजूदा कर्मचारियों से पूछताछ की गई।
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एडीएम ने बताया कि वरिष्ठ सहायक हर्षित कुमार और भावना गोयल, प्रारूपकार बृजेश कुमार के उपस्थित पंजिका पर दो दिन के हस्ताक्षर नहीं थे। अवकाश का प्रार्थना पत्र भी नहीं था। प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप अग्रवाल, कनिष्ठ सहायक मुकुल शर्मा और रनर वीरपाल अनुपस्थित मिले। इनके अलावा मुकेश कुमार, विनोद कुमार, संदीप शर्मा, ओमप्रकाश के उपस्थित पंजिका पर हस्ताक्षर तो थे, लेकिन मौके पर नहीं मिले। सभी से स्पष्टीकरण के आदेश दिए गए हैं।
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