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नहीं पहुंची एंबुलेंस, सड़क पर ही हो गया प्रसव
Updated Mon, 30 Oct 2017 09:25 AM IST
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सड़क पर प्रसव।
- फोटो : अमर उजाला
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राया (मथुरा)। घरवाले फोन मिलाते रहे लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। हालात यह हुए कि प्रसव पीड़ा से छटपटा रही महिला को परिजन मोटर साइकिल पर बैठा कर किसी तरह अस्पताल भागे, लेकिन जब पीड़ा असहनीय हो गई तो महिला सड़क पर ही बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर हो गई। बीच रास्ते में दूसरे गांव की महिलाओं ने किसी तरह आनन-फानन सड़क पर चारपाई का परदा बना कर प्रसूता को संभाला। महिला ने बेटे को जन्म दिया है। राया के गांव परसा की गढ़ी निवासी 28 वर्षीय मिथलेश सात माह से गर्भवती थी। रविवार की सुबह अचानक उसे प्रसव पीड़ा बढ़ने लगी। गांव की आशा कार्यकर्ता संतो देवी ने तत्काल एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर फोन मिलाकर सूचना दी, लेकिन काफी देर तक रुकने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। उधर, मिथलेश को प्रसव पीड़ा बढ़ती ही जा रही है। यह देख परिवारवाले भी घबरा गए और दर्द से कराह रही प्रसूता को किसी तरह मोटर साइकिल पर बैठा कर सोनई गांव के सरकारी अस्पताल को लेकर चल दिए। जैसे ही मोटरसाइकिल तेहरा गांव के समीप पहुंची महिला पीड़ा से चीखने लगी। परिजन भी घबरा गए। उन्होंने गाड़ी रोक दी। दूसरे गांव की महिलाओं ने जब आवाज सुनीं तो प्रसूता की स्थिति देख कर दौड़ पड़ीं। मिथलेश की स्थिति देख महिलाओं ने आनन-फानन सड़क पर ही चारपाई लगवाकर प्रसव कराया। मिथलेश ने बेटे को जन्म दिया। उधर, मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। इसके बाद गांव के लोगों की सहायता से परिजनों ने प्रसूता और नवजात को चिकित्सालय में भर्ती कराया। परिजनों के अनुसार मिथलेश ने दूसरे बच्चे को जन्म दिया है। प्रसूता और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। सूचना पर नहीं पहुंचती एंबुलेंस राया। ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब ग्रामीणों ने एंबुलेंस के लिए फोन किया हो और वह पहुंची हो। 4 अगस्त को गांव पड़रारी निवासी महिला को प्रसव पीड़ा हुई थी। उस वक्त भी एंबुलेंस नहीं पहुंची थी। परिजन महिला को बैलगाड़ी से राया स्वास्थ्य केंद्र पर लाए थे। फोटो वायरल हुआ तो लखनऊ तक हड़कंप मचा था, लेकिन हालातों में आज भी कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। ‘मामला गंभीर है और मेरी जानकारी में है। एंबुलेंस का नियंत्रण लखनऊ से होता है। पीड़ित की कॉल भी वहीं पर नोट की जाती है। फिर भी एंबुलेंस न पहुंचने में कहां चूक रही इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।’ डा. शरद कुमार त्यागी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मथुरा। ‘आशा कार्यकर्ता ने एंबुलेंस के लिए कॉल तो की थी लेकिन लखनऊ ऑपरेटर को एंबुलेंस कॉल की प्रक्रिया पूरी नहीं कराई। इसी के चलते एंबुलेंस नहीं पहुंची।’ अनुराग कपूर, रीजनल प्रबंधक, सरकारी एंबुलेंस सेवा मथुरा।
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