{"_id":"5967bd384f1c1bf0318b4571","slug":"201499970872-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तुम कहां थे, भीड़ कहां थी, कहां से चलीं गोलियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तुम कहां थे, भीड़ कहां थी, कहां से चलीं गोलियां
Updated Fri, 14 Jul 2017 12:07 AM IST
विज्ञापन
police
- फोटो : demo
विज्ञापन
मथुरा। सीबीआई ने जवाहरबाग हिंसा के दौरान मौजूद रहे अफसरों को बृहस्पतिवार को मौके पर ले जाकर पूरा घटनाक्रम समझा। कौन अधिकारी कहां मौजूद था। भीड़ कहां-कहां से हमला कर रही थी। गोलियां कहां से चलाई गईं।
इन सभी बिंदुओं पर पूछताछ की गई। इसके बाद पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में सभी अधिकारियों के बयान लिए गए। मथुरा के जवाहरबाग में 2 जून 2016 को हुई हिंसा में तत्कालीन एसपी सिटी और एसओ फरह समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी।
इस मामले की जांच कर रही सीबीआई के डीआईजी शरद अग्रवाल बृहस्पतिवार को अपने पांच अफसरों को लेकर मथुरा पहुंचे। वह पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी बुलाए गए थे जो जवाहरबाग हिंसा के दौरान मौजूद थे। इनमें तत्कालीन एडीएम प्रशासन, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, सीओ सिटी, क्राइम ब्रांच प्रभारी और थानाध्यक्ष थे। सीबीआई की टीम सभी को जवाहरबाग लेकर पहुंची। वहां पूरा घटनाक्रम समझा।
विज्ञापन
इन सभी अधिकारियों से उनकी लोकेशन भी पूछी गई थी। घटना के समय कौन कहां मौजूद था इसकी भी जानकारी ली गई। अफसरों से पूछा गया कि भीड़ कहां खड़ी थी और कहां से हमला कर रही थी। करीब पौन घंटे तक जवाहरबाग में रहने के बाद पीडब्लूडी के गेस्ट हाउस में सभी के बयान दर्ज किए गए।
क्यों नहीं गए थे डीएम-एसएसपी ?
मथुरा। सीबीआई ने अफसरों से पूछा कि जब इतना बड़ा मामला था तो डीएम और एसएसपी शुरुआत में ही क्यों नहीं गए थे। मुकुल द्विवेदी को ही अकेले क्यों भेज दिया गया था। इस पर अफसरों ने कहा कि किसी को नहीं पता था कि इतनी बड़ी हिंसा भी हो सकती है। जैसे ही जवाहरबाग में दाखिल होने के लिए दीवार तोड़नी शुरू की तभी भीड़ ने हमला कर दिया था। डीएम और एसएसपी हिंसा के बाद मौके पर पहुंचे थे।
इन सभी बिंदुओं पर पूछताछ की गई। इसके बाद पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में सभी अधिकारियों के बयान लिए गए। मथुरा के जवाहरबाग में 2 जून 2016 को हुई हिंसा में तत्कालीन एसपी सिटी और एसओ फरह समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
इस मामले की जांच कर रही सीबीआई के डीआईजी शरद अग्रवाल बृहस्पतिवार को अपने पांच अफसरों को लेकर मथुरा पहुंचे। वह पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी बुलाए गए थे जो जवाहरबाग हिंसा के दौरान मौजूद थे। इनमें तत्कालीन एडीएम प्रशासन, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, सीओ सिटी, क्राइम ब्रांच प्रभारी और थानाध्यक्ष थे। सीबीआई की टीम सभी को जवाहरबाग लेकर पहुंची। वहां पूरा घटनाक्रम समझा।
विज्ञापन
इन सभी अधिकारियों से उनकी लोकेशन भी पूछी गई थी। घटना के समय कौन कहां मौजूद था इसकी भी जानकारी ली गई। अफसरों से पूछा गया कि भीड़ कहां खड़ी थी और कहां से हमला कर रही थी। करीब पौन घंटे तक जवाहरबाग में रहने के बाद पीडब्लूडी के गेस्ट हाउस में सभी के बयान दर्ज किए गए।
क्यों नहीं गए थे डीएम-एसएसपी ?
मथुरा। सीबीआई ने अफसरों से पूछा कि जब इतना बड़ा मामला था तो डीएम और एसएसपी शुरुआत में ही क्यों नहीं गए थे। मुकुल द्विवेदी को ही अकेले क्यों भेज दिया गया था। इस पर अफसरों ने कहा कि किसी को नहीं पता था कि इतनी बड़ी हिंसा भी हो सकती है। जैसे ही जवाहरबाग में दाखिल होने के लिए दीवार तोड़नी शुरू की तभी भीड़ ने हमला कर दिया था। डीएम और एसएसपी हिंसा के बाद मौके पर पहुंचे थे।