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वर्ष भर चला अभियान फिर भी बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूल
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मैनपुरी। बिना मान्यता के चल रहे करीब 200 स्कूलों को बंद कराने के लिए वर्ष भर प्रयास किए गए। लेकिन बार-बार नोटिस जारी करने के साथ ही प्रक्रिया की इतिश्री कर दी गई। प्रशासन और विभागीय अधिकारी इन पर कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।
शासन ने बिना मान्यता के संचालित स्कूलों को बंद कराने के लिए शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी किए थे। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के निर्देश पर पूर्व बीएसए विजय पाल सिंह ने खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी कर ब्लॉक स्तर पर स्कूलों की जांच कराई थी। जांच के दौरान 200 से अधिक स्कूल बिना मान्यता के संचालित पाए गए थे। अधिकारियों के आदेश पर खंड शिक्षाधिकारियों ने मार्च 2021 और मई 2021 में अभियान चलाकर बिना मान्यता के स्कूल संचालित करने वालों को नोटिस जारी किए। पूर्व नगर शिक्षाधिकारी ने भी बिना मान्यता के नगर में संचालित हो रहे स्कूलों को नोटिस जारी कराए। लेकिन इसके बाद भी यह स्कूल बंद नहीं हो सके। इनमें सर्वाधिक स्कूल नगर क्षेत्र में ही संचालित किए जा रहे हैं।
नगर शिक्षाधिकारी ने की कार्रवाई तो कर दिया गया स्थानांतरण
पूर्व नगर शिक्षाधिकारी मनींद्र कुमार ने नगर में बिना मान्यता के संचालित स्कूलों को कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया तो राजनीतिक पहचान रखने वाले स्कूल संचालकों ने अधिकारियों से पहुंच बनाकर संबंधित खंड शिक्षाधिकारी का ही स्थानांतरण करा दिया।
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मान्यता कोचिंग की और संचालित कर रहे स्कूल
बिना मान्यता के स्कूलों पर कार्रवाई की पहल शुरू हुई तो कॉलेज संचालकों ने एक रास्ता निकाल लिया। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से कोचिंग संचालन के लिए अनुमति प्रमाणपत्र हासिल कर लिया। कोचिंग के नाम से अनुमति प्रमाणपत्र हासिल कर स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। जबकि अनुमति पत्र के अनुसार स्कूल समय में कोचिंग का संचालन नहीं किया जा सकता है। लेकिन इसके बाद भी शहर में कई स्थानों पर कोचिंग के नाम पर स्कूलों का संचालन किया जा रहा है।
बिना मान्यता के संचालित स्कूलों को पूर्व में नोटिस जारी कर बंद कराया गया था। यदि इसके बाद भी कहीं बिना मान्यता के स्कूल संचालित हो रहे हैं तो खंड शिक्षाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि इस पर ध्यान दें और नोटिस जारी कर उन्हें बंद कराएं।
कमल सिंह, बीएसए
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शासन ने बिना मान्यता के संचालित स्कूलों को बंद कराने के लिए शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी किए थे। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के निर्देश पर पूर्व बीएसए विजय पाल सिंह ने खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी कर ब्लॉक स्तर पर स्कूलों की जांच कराई थी। जांच के दौरान 200 से अधिक स्कूल बिना मान्यता के संचालित पाए गए थे। अधिकारियों के आदेश पर खंड शिक्षाधिकारियों ने मार्च 2021 और मई 2021 में अभियान चलाकर बिना मान्यता के स्कूल संचालित करने वालों को नोटिस जारी किए। पूर्व नगर शिक्षाधिकारी ने भी बिना मान्यता के नगर में संचालित हो रहे स्कूलों को नोटिस जारी कराए। लेकिन इसके बाद भी यह स्कूल बंद नहीं हो सके। इनमें सर्वाधिक स्कूल नगर क्षेत्र में ही संचालित किए जा रहे हैं।
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नगर शिक्षाधिकारी ने की कार्रवाई तो कर दिया गया स्थानांतरण
पूर्व नगर शिक्षाधिकारी मनींद्र कुमार ने नगर में बिना मान्यता के संचालित स्कूलों को कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया तो राजनीतिक पहचान रखने वाले स्कूल संचालकों ने अधिकारियों से पहुंच बनाकर संबंधित खंड शिक्षाधिकारी का ही स्थानांतरण करा दिया।
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मान्यता कोचिंग की और संचालित कर रहे स्कूल
बिना मान्यता के स्कूलों पर कार्रवाई की पहल शुरू हुई तो कॉलेज संचालकों ने एक रास्ता निकाल लिया। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से कोचिंग संचालन के लिए अनुमति प्रमाणपत्र हासिल कर लिया। कोचिंग के नाम से अनुमति प्रमाणपत्र हासिल कर स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। जबकि अनुमति पत्र के अनुसार स्कूल समय में कोचिंग का संचालन नहीं किया जा सकता है। लेकिन इसके बाद भी शहर में कई स्थानों पर कोचिंग के नाम पर स्कूलों का संचालन किया जा रहा है।
बिना मान्यता के संचालित स्कूलों को पूर्व में नोटिस जारी कर बंद कराया गया था। यदि इसके बाद भी कहीं बिना मान्यता के स्कूल संचालित हो रहे हैं तो खंड शिक्षाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि इस पर ध्यान दें और नोटिस जारी कर उन्हें बंद कराएं।
कमल सिंह, बीएसए