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मथुरा में 2020 में स्वच्छ दिखेगी यमुना
Updated Mon, 29 Oct 2018 08:40 PM IST
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मथुरा। वर्ष 2020 अर्थात सवा दो साल बाद भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली में यमुना स्वच्छ नजर आएगी। इसके लिए नमामि गंगे में राज्य सरकार ने प्रपोजल केंद्र सरकार को भेज दिया है। इस पर करीब 1000 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
गंगा के साथ यमुना की स्वच्छता करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा मुद्दा है। खासकर यमुना का मथुरा में विशेष धार्मिक महत्व है। इसी महत्व के दृष्टिगत नमामि गंगे योजना के तहत केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से यमुना स्वच्छता का प्लान मांगा था। राज्य सरकार ने 28 माह का लक्ष्य तय करते हुए 1000 करोड़ रुपये की योजना केंद्र को प्रस्तावित कर दी है।
इसकी जानकारी देते हुए क्षेत्रीय विधायक और ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि यमुना के लिए नमामि गंगे में 1000 करोड़ की कार्य योजना भेजी गई है। इसके अमल में आने के बाद मथुरा-वृंदावन सहित अन्य स्थलों पर एक बूंद गंदा पानी यमुना में नहीं जाएगी। यमुना का जल स्वच्छ होगा।
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उन्होंने बताया कि एसटीपी और एसपीएस के साथ इनसे जुड़े सभी उपकरणों की मौजूदा क्षमता में इजाफा किया जाएगा। यमुना किनारे नाले के माध्यम से संपूर्ण गंदा पानी यमुना में जाने से रोका जाएगा। इसका उपयोग कृषि और रिफाइनरी में शोधन के उपरांत होगा। यमुना को सुंदर स्वरूप भी प्रदान किया जाएगा।
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गंगा के साथ यमुना की स्वच्छता करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा मुद्दा है। खासकर यमुना का मथुरा में विशेष धार्मिक महत्व है। इसी महत्व के दृष्टिगत नमामि गंगे योजना के तहत केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से यमुना स्वच्छता का प्लान मांगा था। राज्य सरकार ने 28 माह का लक्ष्य तय करते हुए 1000 करोड़ रुपये की योजना केंद्र को प्रस्तावित कर दी है।
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इसकी जानकारी देते हुए क्षेत्रीय विधायक और ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि यमुना के लिए नमामि गंगे में 1000 करोड़ की कार्य योजना भेजी गई है। इसके अमल में आने के बाद मथुरा-वृंदावन सहित अन्य स्थलों पर एक बूंद गंदा पानी यमुना में नहीं जाएगी। यमुना का जल स्वच्छ होगा।
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उन्होंने बताया कि एसटीपी और एसपीएस के साथ इनसे जुड़े सभी उपकरणों की मौजूदा क्षमता में इजाफा किया जाएगा। यमुना किनारे नाले के माध्यम से संपूर्ण गंदा पानी यमुना में जाने से रोका जाएगा। इसका उपयोग कृषि और रिफाइनरी में शोधन के उपरांत होगा। यमुना को सुंदर स्वरूप भी प्रदान किया जाएगा।