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खादर के बाद खेतों में पहुंचा यमुना का पानी
Updated Tue, 31 Jul 2018 11:53 PM IST
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टूंडला। हथिनीकुंड से छोड़े गए पानी से यमुना के बढ़ते जलस्तर ने टूंडला क्षेत्र में प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। निचले इलाकों के गांवों में खलबली मच गई है। यमुना का पानी खेतों में घुसने से किसानों ने अपनी कच्ची फसलों को काटना शुरू कर दिया है। यमुना के पानी से किसानों की फसलें डूब गई हैं।
दिल्ली व मथुरा के बाद अब यहां भी यमुना में पानी बढ़ने लगा है। यमुना का पानी अब आसपास के खेतों में प्रवेश कर गया है। लगभग एक दर्जन से अधिक किसानों की बाजरा, ढेंचा, सब्जी आदि की फसल यमुना की भेंट चढ़ गई है। इससे आसपास के गांव वासियों की नींद उड़ गई है। हालांकि अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, फिर भी लोग यमुना के बढ़ते जलस्तर पर निगाह रखे हुए हैं।
किसानों ने खेतों में खड़ी बाजरा, चरी, ढेंचा की कच्ची फसलों को काटना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि कम से कम यमुना में डूब रहीं फसलें पशुओं के चारे के रूप में तो काम आएंगी। ग्रामीण अपने पशुओं को भी यमुना की ओर नहीं जाने दे रहे हैं।
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दिल्ली व मथुरा के बाद अब यहां भी यमुना में पानी बढ़ने लगा है। यमुना का पानी अब आसपास के खेतों में प्रवेश कर गया है। लगभग एक दर्जन से अधिक किसानों की बाजरा, ढेंचा, सब्जी आदि की फसल यमुना की भेंट चढ़ गई है। इससे आसपास के गांव वासियों की नींद उड़ गई है। हालांकि अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, फिर भी लोग यमुना के बढ़ते जलस्तर पर निगाह रखे हुए हैं।
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किसानों ने खेतों में खड़ी बाजरा, चरी, ढेंचा की कच्ची फसलों को काटना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि कम से कम यमुना में डूब रहीं फसलें पशुओं के चारे के रूप में तो काम आएंगी। ग्रामीण अपने पशुओं को भी यमुना की ओर नहीं जाने दे रहे हैं।
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