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अब किसान बनाएंगे अपनी कंपनी
Updated Sun, 06 May 2018 11:49 PM IST
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farmer
- फोटो : amar ujala
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एटा। जिले में अब किसान भी अपनी कंपनी बनाकर फसल का सही दाम पा सकेंगे। किसानों की आर्थिक हालत सुधारने और उनको फसल का सही दाम दिलाने के लिए संगठित कर किसान समूह की पहल की गई है। कई छोटे किसान एकत्रित होकर समूह बनाएंगे, जिसे कंपनी का नाम दिया जाएगा।
दरअसल, अब तक किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए जिले की मंडियों अथवा सरकारी केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में किसानों को बाहर की मंडियों का लाभ नहीं मिल पाता है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने कवायद शुरू की है।
ग्रामीण स्तर पर छोटे-छोटे किसान मिलकर एक समूह बनाएंगे। इसमें एक भरोसेमंद किसान डायरेक्टर बनाया जाएगा, जो सभी किसानों की फसल को बड़ी मंडियों में भाव करके बेचेगा। समूह को होने वाले फायदे को सभी किसानों में बराबर बांटा जाएगा। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार से समूह को पंजीकृत होने के बाद 90 फीसदी अनुदान दिया जाएगा, जिससे बीज, कीटनाशक और खाद की बिक्री होगी।
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उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम लिमिटेड के जिला प्रबंधक अरविंद कुमार ने कहा कि विभाग किसानों की उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए छोटे-छोटे किसानों का समूह बनाएगा। किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे अपने स्तर पर समूहों का गठन करें। जिले में अब तक हलधर किसान समृद्धि उत्पादन कंपनी है जो किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रही है।
जिले में आई 22 हजार मीट्रिक टन जिप्सम
ऊसर सुधार से वंचित जिले के 23 गांवों के 22 हजार मीट्रिक टन जिप्सम उपलब्ध करा दी गई है। इससे 330 किसानों की खेती उपजाऊ बनाई जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि जिप्सम का वितरण गांव करूआमई, नगला भजुआ, बरथरी, अकसपुर, पुरा, बनेहरा, सिरसा टिप्पू, अचलपुर, जंगलपुर, कुनैठा, मुहम्मदपुर, लभेटा, सिढपुरा, नगला गंगी, कपरेटा, इसौली, मुर्सवा होगा।
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दरअसल, अब तक किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए जिले की मंडियों अथवा सरकारी केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में किसानों को बाहर की मंडियों का लाभ नहीं मिल पाता है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने कवायद शुरू की है।
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ग्रामीण स्तर पर छोटे-छोटे किसान मिलकर एक समूह बनाएंगे। इसमें एक भरोसेमंद किसान डायरेक्टर बनाया जाएगा, जो सभी किसानों की फसल को बड़ी मंडियों में भाव करके बेचेगा। समूह को होने वाले फायदे को सभी किसानों में बराबर बांटा जाएगा। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार से समूह को पंजीकृत होने के बाद 90 फीसदी अनुदान दिया जाएगा, जिससे बीज, कीटनाशक और खाद की बिक्री होगी।
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उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम लिमिटेड के जिला प्रबंधक अरविंद कुमार ने कहा कि विभाग किसानों की उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए छोटे-छोटे किसानों का समूह बनाएगा। किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे अपने स्तर पर समूहों का गठन करें। जिले में अब तक हलधर किसान समृद्धि उत्पादन कंपनी है जो किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रही है।
जिले में आई 22 हजार मीट्रिक टन जिप्सम
ऊसर सुधार से वंचित जिले के 23 गांवों के 22 हजार मीट्रिक टन जिप्सम उपलब्ध करा दी गई है। इससे 330 किसानों की खेती उपजाऊ बनाई जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि जिप्सम का वितरण गांव करूआमई, नगला भजुआ, बरथरी, अकसपुर, पुरा, बनेहरा, सिरसा टिप्पू, अचलपुर, जंगलपुर, कुनैठा, मुहम्मदपुर, लभेटा, सिढपुरा, नगला गंगी, कपरेटा, इसौली, मुर्सवा होगा।