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दुआ-ए-मगफिरत को उठे हाथ
Updated Wed, 02 May 2018 10:56 PM IST
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दुआ-ए-मगफिरत को उठे हाथ
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज/सहावर/गंजडुंडवारा।
शब-ए-बारात पर मुस्लिम समाज के लोगों ने मस्जिदों में पहुंचकर इबादत की। घरों व मस्जिदों को झालरों की रोशनी से सजाया गया। अपने गुनाहों की माफी के साथ साथ देश में अमन चैन रहने की दुआ भी की गयी।
सहावर में रात में लोगों द्वारा अमनचैन और खुशहाली के लिए दुआ मांगी। शब-ए-बारात पर मुस्लिम घरों में हलवा आदि मिष्ठान बनाकर फातिहा ख्वानी की गई। यतीम, मिस्कीन, गरीबों को बांटा गया। कब्रिस्तान में जाकर पूर्वजों के की कब्रों पर मगफिरत की दुआ की। रातको जगह-जगह लंगर तकसीम किया गया। समाज सेवा युवा समिति के द्वारा शर्बत वितरण का आयोजन किया गया। मुहम्मद शमसुद्दीन, अकरम खान, बिलाल हसन, फैज खान, बॉबी, अशरफ खान, पन्नालाल साहू, तशकील खान, जुबैर खान, भीम किशोर, तालिब कुरैशी, हारुन कुरेशी, विजेंद्र कुमार, ताजुद्दीन अंसारी रहे।
गंजडुंडवारा में इमाम कुवा मस्जिद कमरूजमा रिजवी ने कहा कि जो लोग शब-ए-बारात में जागकर अल्लाह की इबादत करतें हैं और दिन को रोजा रखते हैं अल्लाह उनके सभी गुनाह माफ कर उनकी सभी मुरादें पूरी करता है। मौलाना जैनुल आब्दीन ने कहा कि यह रात बाकी सभी रातों से अफजल है। कुवा मस्जिद, मस्जिद गरीब नवाज, उकवा मस्जिद, रहमानिया मस्जिद, चौकसट्टी मस्जिद के साथ समीपवर्ती ग्राम समसपुर, गनेशपुर, पचपोखरा, सुजवालपुर व चिरोला में भी मस्जिदों को सजाया गया। नगर के मोहल्ला मंसूर, चौकसटटी बाजार, मोहल्ला खेरू आदि स्थानों पर हलवे व शरबत का वितरण किया। जावेद पापूलर, शकील अंसारी, हसमत अंसारी, मुस्तफा साजिद, आबिद हुसैन आदि मौजूद रहे।
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शव ए बारात के जल्से में उमड़ी भीड़
एटा। शव ए बारात का जश्न मंगलवार देर रात तक मनाया गया। लोगों ने मस्जिदों में नमाज अदा कर कुरानखानी की। वहीं महिलाओं ने घरों में इबादत की। इस अवसर पर साबरी अंजुमन कमेटी ने होली गेट स्थित गफूर मियां की दरगाह पर विशाल जलसे का आयोजन किया गया। आयोजन की अध्यक्षता रामपुर से आए मो.हसन मियां ने की।
उल्माओं व धर्मगुरुओं ने शव ए बारात के बारे में बताया। हजरत अल्लामा व मुफ्ती अरशद रजा कादरी ने कहा कि आज की रात ही अल्लाह द्वारा आसमान के पर्दे हटा लिए जाते हैं और ख्ुाशियों की बरसात होती है। इस मौके पर आयोजक मोहम्मद गुरफान साबरी, एसएस खान साबरी, डॉ राजू साबरी, हाजी कशिश एटवी, शराफत हुसैन, एमआई खान, शकील साबरी आदि प्रमुख हैं।
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शब-ए-बारात पर मुस्लिम समाज के लोगों ने मस्जिदों में पहुंचकर इबादत की। घरों व मस्जिदों को झालरों की रोशनी से सजाया गया। अपने गुनाहों की माफी के साथ साथ देश में अमन चैन रहने की दुआ भी की गयी।
सहावर में रात में लोगों द्वारा अमनचैन और खुशहाली के लिए दुआ मांगी। शब-ए-बारात पर मुस्लिम घरों में हलवा आदि मिष्ठान बनाकर फातिहा ख्वानी की गई। यतीम, मिस्कीन, गरीबों को बांटा गया। कब्रिस्तान में जाकर पूर्वजों के की कब्रों पर मगफिरत की दुआ की। रातको जगह-जगह लंगर तकसीम किया गया। समाज सेवा युवा समिति के द्वारा शर्बत वितरण का आयोजन किया गया। मुहम्मद शमसुद्दीन, अकरम खान, बिलाल हसन, फैज खान, बॉबी, अशरफ खान, पन्नालाल साहू, तशकील खान, जुबैर खान, भीम किशोर, तालिब कुरैशी, हारुन कुरेशी, विजेंद्र कुमार, ताजुद्दीन अंसारी रहे।
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गंजडुंडवारा में इमाम कुवा मस्जिद कमरूजमा रिजवी ने कहा कि जो लोग शब-ए-बारात में जागकर अल्लाह की इबादत करतें हैं और दिन को रोजा रखते हैं अल्लाह उनके सभी गुनाह माफ कर उनकी सभी मुरादें पूरी करता है। मौलाना जैनुल आब्दीन ने कहा कि यह रात बाकी सभी रातों से अफजल है। कुवा मस्जिद, मस्जिद गरीब नवाज, उकवा मस्जिद, रहमानिया मस्जिद, चौकसट्टी मस्जिद के साथ समीपवर्ती ग्राम समसपुर, गनेशपुर, पचपोखरा, सुजवालपुर व चिरोला में भी मस्जिदों को सजाया गया। नगर के मोहल्ला मंसूर, चौकसटटी बाजार, मोहल्ला खेरू आदि स्थानों पर हलवे व शरबत का वितरण किया। जावेद पापूलर, शकील अंसारी, हसमत अंसारी, मुस्तफा साजिद, आबिद हुसैन आदि मौजूद रहे।
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शव ए बारात के जल्से में उमड़ी भीड़
एटा। शव ए बारात का जश्न मंगलवार देर रात तक मनाया गया। लोगों ने मस्जिदों में नमाज अदा कर कुरानखानी की। वहीं महिलाओं ने घरों में इबादत की। इस अवसर पर साबरी अंजुमन कमेटी ने होली गेट स्थित गफूर मियां की दरगाह पर विशाल जलसे का आयोजन किया गया। आयोजन की अध्यक्षता रामपुर से आए मो.हसन मियां ने की।
उल्माओं व धर्मगुरुओं ने शव ए बारात के बारे में बताया। हजरत अल्लामा व मुफ्ती अरशद रजा कादरी ने कहा कि आज की रात ही अल्लाह द्वारा आसमान के पर्दे हटा लिए जाते हैं और ख्ुाशियों की बरसात होती है। इस मौके पर आयोजक मोहम्मद गुरफान साबरी, एसएस खान साबरी, डॉ राजू साबरी, हाजी कशिश एटवी, शराफत हुसैन, एमआई खान, शकील साबरी आदि प्रमुख हैं।