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सूख रहे हलक, पानी को मारामारी
Updated Wed, 04 Apr 2018 11:36 PM IST
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फिरोजाबाद। सूरज की तपन तीखी होने के साथ हर किसी का गला भी सूखने लगा है। गर्मी के मौसम में शहर के सार्वजनिक स्थलों पर पानी की व्यवस्था नहीं है। बस स्टैंड, जिला अस्पताल, प्राइवेट बस अड्डा के साथ प्रमुख सुभाष तिराहे और सदर बाजार में भी पानी का कोई इंतजाम नहीं है। राहगीर पानी मोल खरीदने को विवश हैं। जहां पानी की व्यवस्था है वहां बदइंतजामी का आलम है। अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
स्थानीय बस अड्डा पर हर दिन हजारों की संख्या में यात्रियों का आवागमन रहता है। आसपास मार्केट में सैकड़ों दुकानदार भी हैं। यहां पेयजल सुविधा को नगर निगम ने वाटर एटीएम लगवाया था, वह बंद पड़ा है। बस स्टैंड की प्याऊ में सुबह नौ बजे तक पानी मिलता है। यात्री पानी की तलाश में भटकने को विवश होते हैं। पान-चाय की दुकानों से पानी के पाउच खरीद कर गला तर करते हैं।
शहर के सबसे व्यस्ततम सुभाष तिराहे की बात करें यहां भी पेयजल का कोई इंतजाम नहीं। पूरे दिन भीड़ के घिरे रहने वाले तिराहे पर प्यास लगने पर पानी मोल खरीदना पड़ता है। न कोई हैंडपंप स्थापित है और न प्याऊ। लिहाजा हर कोई पानी की थैली या बोतल खरीदने को विवश होता है। जबकि काफी संख्या में बसें तो सीधे हाइवे से होकर निकल जाती हैं। तिराहे पर पेयजल व्यवस्था किए जाने की ओर कभी ध्यान नहीं दिया।
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स्थानीय बस अड्डा पर हर दिन हजारों की संख्या में यात्रियों का आवागमन रहता है। आसपास मार्केट में सैकड़ों दुकानदार भी हैं। यहां पेयजल सुविधा को नगर निगम ने वाटर एटीएम लगवाया था, वह बंद पड़ा है। बस स्टैंड की प्याऊ में सुबह नौ बजे तक पानी मिलता है। यात्री पानी की तलाश में भटकने को विवश होते हैं। पान-चाय की दुकानों से पानी के पाउच खरीद कर गला तर करते हैं।
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शहर के सबसे व्यस्ततम सुभाष तिराहे की बात करें यहां भी पेयजल का कोई इंतजाम नहीं। पूरे दिन भीड़ के घिरे रहने वाले तिराहे पर प्यास लगने पर पानी मोल खरीदना पड़ता है। न कोई हैंडपंप स्थापित है और न प्याऊ। लिहाजा हर कोई पानी की थैली या बोतल खरीदने को विवश होता है। जबकि काफी संख्या में बसें तो सीधे हाइवे से होकर निकल जाती हैं। तिराहे पर पेयजल व्यवस्था किए जाने की ओर कभी ध्यान नहीं दिया।
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