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31 मार्च के बाद खुलेगी आयकर चोरों की कुंडली
Updated Tue, 27 Mar 2018 08:18 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मथुरा। आयकर विभाग की निगाह उन लोगों पर है, जिन्होंने नोटबंदी के दौरान बड़ी मात्रा में बैंकों में धनराशि जमा कराई है। इन व्यापारियों ने उसी अनुपात में आयकर जमा कराया है या नहीं इन तथ्यों का मिलान शुरू हो गया है। 31 मार्च के बाद ऐसे कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई शुुरू होगी।
नोटबंदी के दौरान कुछ कारोबारियों खासकर ज्वैलर्स और बिल्डर्स ने बड़ी मात्रा में धनराशि जमा कराई थी। कुछ कारोबारियों की बिक्री का ग्राफ यकायक कई गुना बढ़ गया। बैंकों में जमा धनराशि और निकाले गए धन का एक-एक रिकॉर्ड आयकर विभाग के पास मौजूद हैं।
विभागीय अफसरों की निगाह इस बात पर है कि जिस तरह से कारोबारियों ने अपनी बिक्री दर्शाई है उस हिसाब से उन्होंने रिटर्न में अपनी आय को भी बढ़ाया है या नहीं। अगर आय नहीं बढ़ी तो इस का सीधा संकेत कर चोरी से है।
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विभागीय निगाह हाल में हुए खुलासों पर भी है, जिसमें वाणिज्य कर विभाग ने कारोबारियों की बीते साल नवंबर दिसंबर में अचानक बिक्री बढ़ने की बात कही थी।
अपर आयुक्त आयकर अनिल कुमार शर्मा ने बताया वित्तीय वर्ष 2015-16 और 2016-17 के आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तिथि 31 मार्च है। विभाग के रडार पर कुछ उद्योग और कारोबारी है जिनकी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल हुई है।
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नोटबंदी के दौरान कुछ कारोबारियों खासकर ज्वैलर्स और बिल्डर्स ने बड़ी मात्रा में धनराशि जमा कराई थी। कुछ कारोबारियों की बिक्री का ग्राफ यकायक कई गुना बढ़ गया। बैंकों में जमा धनराशि और निकाले गए धन का एक-एक रिकॉर्ड आयकर विभाग के पास मौजूद हैं।
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विभागीय अफसरों की निगाह इस बात पर है कि जिस तरह से कारोबारियों ने अपनी बिक्री दर्शाई है उस हिसाब से उन्होंने रिटर्न में अपनी आय को भी बढ़ाया है या नहीं। अगर आय नहीं बढ़ी तो इस का सीधा संकेत कर चोरी से है।
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विभागीय निगाह हाल में हुए खुलासों पर भी है, जिसमें वाणिज्य कर विभाग ने कारोबारियों की बीते साल नवंबर दिसंबर में अचानक बिक्री बढ़ने की बात कही थी।
अपर आयुक्त आयकर अनिल कुमार शर्मा ने बताया वित्तीय वर्ष 2015-16 और 2016-17 के आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तिथि 31 मार्च है। विभाग के रडार पर कुछ उद्योग और कारोबारी है जिनकी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल हुई है।