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नवंबर में होनी थी ट्रेनिंग, मार्च में आई याद
Updated Sun, 25 Mar 2018 08:17 PM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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मथुरा। शिक्षा विभाग में शिक्षकों की ट्रेनिंग के लिए आए बजट को ठिकाने लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए मार्च के आखिरी सप्ताह में ब्लाकों पर शिक्षकों की ट्रेनिंग कराई जा रही है। आनन-फानन में इस ट्रेनिंग की खानापूर्ति हो रही है।
डायट पर प्राइमरी की शिक्षा में शिक्षकों को पर्यावरणीय ज्ञान से अवगत कराने के लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए। इन मास्टर ट्रेनरों को ब्लॉक पर प्रत्येक विद्यालय से एक-एक शिक्षकों को ट्रेनिंग देनी थी। जिले में करीब 1400 शिक्षकों को ये ट्रेनिंग दी जानी थी। ये कार्य नवंबर और दिसंबर के माह में किया जाना था। प्रत्येक शिक्षक पर 400 रुपया खर्च किया जाना है। लेकिन अफसरों को इसका ध्यान ही नहीं रहा।
इस वित्तीय वर्ष के आखिरी माह मार्च में जब धनराशि के वापस चले जाने का भय सताने लगा तो आनन-फानन में ब्लाकों पर ट्रेनिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। मजेदार बात यह है कि ये ट्रेनिंग प्राइमरी की परीक्षा, कापियों के मूल्यांकन और परीक्षाफल तैयार किए जाने के समय में कराई जा रही है।
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‘शिक्षकों की ट्रेनिंग दिसंबर माह में कराई जानी थी, लेकिन एबीआरसी का कार्यकाल खत्म होने के चलते नहीं हो सकी। प्रत्येक विद्यालय से एक शिक्षक को ट्रेनिंग दी जानी है ऐसे में कोई कार्य प्रभावित नहीं हो रहा है।’
- मनोज सिंह, समन्वयक, शिक्षण प्रशिक्षण, बीएसए कार्यालय मथुरा।
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डायट पर प्राइमरी की शिक्षा में शिक्षकों को पर्यावरणीय ज्ञान से अवगत कराने के लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए। इन मास्टर ट्रेनरों को ब्लॉक पर प्रत्येक विद्यालय से एक-एक शिक्षकों को ट्रेनिंग देनी थी। जिले में करीब 1400 शिक्षकों को ये ट्रेनिंग दी जानी थी। ये कार्य नवंबर और दिसंबर के माह में किया जाना था। प्रत्येक शिक्षक पर 400 रुपया खर्च किया जाना है। लेकिन अफसरों को इसका ध्यान ही नहीं रहा।
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इस वित्तीय वर्ष के आखिरी माह मार्च में जब धनराशि के वापस चले जाने का भय सताने लगा तो आनन-फानन में ब्लाकों पर ट्रेनिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। मजेदार बात यह है कि ये ट्रेनिंग प्राइमरी की परीक्षा, कापियों के मूल्यांकन और परीक्षाफल तैयार किए जाने के समय में कराई जा रही है।
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‘शिक्षकों की ट्रेनिंग दिसंबर माह में कराई जानी थी, लेकिन एबीआरसी का कार्यकाल खत्म होने के चलते नहीं हो सकी। प्रत्येक विद्यालय से एक शिक्षक को ट्रेनिंग दी जानी है ऐसे में कोई कार्य प्रभावित नहीं हो रहा है।’
- मनोज सिंह, समन्वयक, शिक्षण प्रशिक्षण, बीएसए कार्यालय मथुरा।