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सपा में हार पर रात, सांसद के सामने खोली पोल
Updated Thu, 07 Dec 2017 11:27 PM IST
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फिरोजाबाद। जिले भर में निकाय चुनाव में समाजवादी पार्टी के खराब प्रदर्शन पर समाजवादी पार्टी के अंदर घमासान मचा है। भीरतघात को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के दौर शुरू हो गए हैं। गुरुवार को सांसद अक्षय यादव यहां आए तो उनके समक्ष कार्यकर्ता और पार्टी नेता एक दूसरे की पोल खोलने लगे।
सपा नगर निगम की सीट दमदारी से चुनाव लड़ने के बाद भी हार गई। पार्टी के पूर्व विधायक अजीम भाई ने पार्टी के खिलाफ खुली बगावत कर दी। इसकी कीमत पार्टी को निकाय चुनाव में चुकानी पड़ी। गुरुवार को सपा जिला कार्यालय पर सांसद अक्षय यादव पहुंचे तो उनके सामने हार के कारणों पर भी चर्चा हुई। पार्टी का एक धड़ा इस मांग पर अड़ा था कि अजीम की खुली बगावत के बाद भी पार्टी खामोश है और अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है।
पार्टी के लोग मांग कर रहे थे अजीम और उनका साथ देने वाले नेता पार्टी से बाहर किए जाएं। इसके अलावा कई और नाम उछले जो साइकिल पर सवार होकर पतंग उड़ा रहे थे यानी एआईएमआईएम के लिए वोट मांग रहे थे। सांसद के सामने ये नाम और चेहरे गिनाए गए। सांसद ने सिर्फ इतना ही कहा कि वक्त आने पर सब कुछ ठीक होगा।
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सिरसागंज, जसराना, एका और टूंडला की सीट हार जाने का जिक्र भी हुआ। जसराना और एका तो सपा के गढ़ माने जाते हैं फिर भी सपा हार गई। भीरतघात करने वालों की पोल नेता खोलते रहे। बिजली की कीमतों के खिलाफ धरना प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति का मामला भी सांसद के सामने कुछ नेताओं ने धरना होने के बाद उठाया और कहा कि सपा के आंदोलनों में इतनी कम भीड़ कभी नहीं रही।
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सपा नगर निगम की सीट दमदारी से चुनाव लड़ने के बाद भी हार गई। पार्टी के पूर्व विधायक अजीम भाई ने पार्टी के खिलाफ खुली बगावत कर दी। इसकी कीमत पार्टी को निकाय चुनाव में चुकानी पड़ी। गुरुवार को सपा जिला कार्यालय पर सांसद अक्षय यादव पहुंचे तो उनके सामने हार के कारणों पर भी चर्चा हुई। पार्टी का एक धड़ा इस मांग पर अड़ा था कि अजीम की खुली बगावत के बाद भी पार्टी खामोश है और अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है।
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पार्टी के लोग मांग कर रहे थे अजीम और उनका साथ देने वाले नेता पार्टी से बाहर किए जाएं। इसके अलावा कई और नाम उछले जो साइकिल पर सवार होकर पतंग उड़ा रहे थे यानी एआईएमआईएम के लिए वोट मांग रहे थे। सांसद के सामने ये नाम और चेहरे गिनाए गए। सांसद ने सिर्फ इतना ही कहा कि वक्त आने पर सब कुछ ठीक होगा।
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सिरसागंज, जसराना, एका और टूंडला की सीट हार जाने का जिक्र भी हुआ। जसराना और एका तो सपा के गढ़ माने जाते हैं फिर भी सपा हार गई। भीरतघात करने वालों की पोल नेता खोलते रहे। बिजली की कीमतों के खिलाफ धरना प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति का मामला भी सांसद के सामने कुछ नेताओं ने धरना होने के बाद उठाया और कहा कि सपा के आंदोलनों में इतनी कम भीड़ कभी नहीं रही।