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जीएसटी: ट्रांसपोर्टर आज से बेमियादी हड़ताल पर
Updated Wed, 12 Jul 2017 12:06 AM IST
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gst
- फोटो : सोशल मीडिया
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फिरोजाबाद। जीएसटी लागू होने के बाद ट्रांसपोर्टरों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। व्यापारियों द्वारा बाहर माल भेजने को बिल न देने से परेशान ट्रांसपोर्टरों ने बुधवार से बेमियादी हड़ताल का एलान कर दिया।
जीएसटी में चूड़ी को भले ही कर मुक्त रखा गया है चूड़ी व्यापारियों को माल बाहर भेजने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। ट्रांसपोर्टर माल बाहर भेजने पर व्यापारी से भाड़ा वसूलते थे अब उन्हें टैक्स भी देना पड़ रहा है।
व्यापारी भाड़ा बढ़ा कर नहीं दे रहे हैं। दूसरी समस्या सैकड़ों चूड़ी व्यापारी ऐसे हैं, जो जीएसटी में खुद को पंजीकृत नहीं करा सके हैं। बिना बिल बाहर माल ले जाने से ट्रांसपोर्टर डर रहे हैं। चेकिंग में गाड़ी पकड़ी गई तो हजारों का जुर्माना देना होगा। समस्याओं को लेकर उप्र ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने बुधवार से बेमियादी हड़ताल का एलान कर दिया है।
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प्रतिदिन 200 से 250 गाड़ी बाहर जाती हैं चूड़ियां
शहर में करीब 150 ट्रांसपोर्ट हैं, जहां प्रतिदिन 200 से 250 गाड़ी में भरकर चूड़ियां गोरखपुर, आजमगढ़, फैजाबाद, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, देवरई आदि जिलों में जातीं हैं।
सैय्यद जीशान हुसैन का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद बाहर गाड़ियां नहीं जा रही हैं। माल ट्रांसपोर्ट और गाड़ियों में भरा है। माल बाहर भेजने पर 10 हजार रुपये के माल पर 500 रुपये टैक्स देना पड़ रहा है।
हाफिज मोहम्मद बाबर का कहना है कि जीएसटी में अभी तक व्यापारी रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे हैं। बिना बिल के माल भेजने पर हमें ही जुर्माना देना पड़ेगा। इसे हम कहां से वहन करेंगे। अनवार उल हसन का कहना है कि हमें यह सुविधा मिल जाए कि रास्ते में कोई गाड़ी चेक नहीं होगी तब तो ठीक है। अधिकारी किसी की बात नहीं सुन रहे हैं। इसीलिए गाड़ियां भी बाहर नहीं भेज रहे।
आजम खान का कहना है कि केंद्र सरकार ने जीएसटी लागू तो कर दिया। इसे लागू करने से पहले सभी व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन करवाने चाहिए थे।
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जीएसटी में चूड़ी को भले ही कर मुक्त रखा गया है चूड़ी व्यापारियों को माल बाहर भेजने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। ट्रांसपोर्टर माल बाहर भेजने पर व्यापारी से भाड़ा वसूलते थे अब उन्हें टैक्स भी देना पड़ रहा है।
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व्यापारी भाड़ा बढ़ा कर नहीं दे रहे हैं। दूसरी समस्या सैकड़ों चूड़ी व्यापारी ऐसे हैं, जो जीएसटी में खुद को पंजीकृत नहीं करा सके हैं। बिना बिल बाहर माल ले जाने से ट्रांसपोर्टर डर रहे हैं। चेकिंग में गाड़ी पकड़ी गई तो हजारों का जुर्माना देना होगा। समस्याओं को लेकर उप्र ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने बुधवार से बेमियादी हड़ताल का एलान कर दिया है।
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प्रतिदिन 200 से 250 गाड़ी बाहर जाती हैं चूड़ियां
शहर में करीब 150 ट्रांसपोर्ट हैं, जहां प्रतिदिन 200 से 250 गाड़ी में भरकर चूड़ियां गोरखपुर, आजमगढ़, फैजाबाद, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, देवरई आदि जिलों में जातीं हैं।
सैय्यद जीशान हुसैन का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद बाहर गाड़ियां नहीं जा रही हैं। माल ट्रांसपोर्ट और गाड़ियों में भरा है। माल बाहर भेजने पर 10 हजार रुपये के माल पर 500 रुपये टैक्स देना पड़ रहा है।
हाफिज मोहम्मद बाबर का कहना है कि जीएसटी में अभी तक व्यापारी रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे हैं। बिना बिल के माल भेजने पर हमें ही जुर्माना देना पड़ेगा। इसे हम कहां से वहन करेंगे। अनवार उल हसन का कहना है कि हमें यह सुविधा मिल जाए कि रास्ते में कोई गाड़ी चेक नहीं होगी तब तो ठीक है। अधिकारी किसी की बात नहीं सुन रहे हैं। इसीलिए गाड़ियां भी बाहर नहीं भेज रहे।
आजम खान का कहना है कि केंद्र सरकार ने जीएसटी लागू तो कर दिया। इसे लागू करने से पहले सभी व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन करवाने चाहिए थे।