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कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राएं मौसमी बीमारियों की चपेट में
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Medicine
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एटा। कस्तूरबा गांधी आवासी बालिका विद्यालय शीतलपुर ब्लाक की 12 से अधिक छात्राएं मौसमी बीमारियों की चपेट में आ गईं। विद्यालय की वार्डन ने जिला अस्पताल में सभी का इलाज कराया।
आरटीओ ऑफिस के सामने विद्यालय में शिक्षारत बच्चों की कई दिनों से तबियत बिगड़ी हुई है। पहले तो विद्यालय की ओर से छिपाने की कोशिश की गई लेकिन जब बच्चों की तबियत ज्यादा बिगड़ने लगी तो मंगलवार को कुछ बच्चों को जिला अस्पताल लाया गया। परीक्षण में छात्राएं संक्रमण रोग से ग्रसित मिलीं। सभी बच्चों को इलाज के लिए इमरजेंसी में रखा गया। जब आराम मिलने के बाद छुट्टी कर दी। बुधवार को फिर 12 छात्राओं की हालत खराब हुई तो जिला अस्पताल लाया गया। बच्चे मौसमी बीमारियों की चपेट में आए हुए थे। इन बच्चों में बुखार, सर्दी-जुकाम और चर्म रोग (फोड़ा फुंसी) की परेशानियां थी। विद्यालय वार्डन सरिता निर्मल का कहना है कि बच्चे बुखार और खुजली से परेशान थे। कुछ बच्चे बुखार की चपेट में आ रहे थे। इसलिए जिला अस्पताल लाए गए हैं। अब सभी ठीक हैं।
विद्यालय के इन छात्राओं का हुआ इलाज
कस्तूरबा गांधी विद्यालय में संक्रमण के शिकार हुए छात्राओं को इलाज के लिए लाया गया उनमें निशा 13 वर्ष, प्रिया 14 वर्ष, अंजली 14 वर्ष, रंजना 12 वर्ष, देवकी 13 वर्ष, शिवानी 13 वर्ष, प्रियंका 14 वर्ष, अनीता 14 वर्ष और शिल्पी 13 वर्ष आदि शामिल रहीं।
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आरटीओ ऑफिस के सामने विद्यालय में शिक्षारत बच्चों की कई दिनों से तबियत बिगड़ी हुई है। पहले तो विद्यालय की ओर से छिपाने की कोशिश की गई लेकिन जब बच्चों की तबियत ज्यादा बिगड़ने लगी तो मंगलवार को कुछ बच्चों को जिला अस्पताल लाया गया। परीक्षण में छात्राएं संक्रमण रोग से ग्रसित मिलीं। सभी बच्चों को इलाज के लिए इमरजेंसी में रखा गया। जब आराम मिलने के बाद छुट्टी कर दी। बुधवार को फिर 12 छात्राओं की हालत खराब हुई तो जिला अस्पताल लाया गया। बच्चे मौसमी बीमारियों की चपेट में आए हुए थे। इन बच्चों में बुखार, सर्दी-जुकाम और चर्म रोग (फोड़ा फुंसी) की परेशानियां थी। विद्यालय वार्डन सरिता निर्मल का कहना है कि बच्चे बुखार और खुजली से परेशान थे। कुछ बच्चे बुखार की चपेट में आ रहे थे। इसलिए जिला अस्पताल लाए गए हैं। अब सभी ठीक हैं।
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विद्यालय के इन छात्राओं का हुआ इलाज
कस्तूरबा गांधी विद्यालय में संक्रमण के शिकार हुए छात्राओं को इलाज के लिए लाया गया उनमें निशा 13 वर्ष, प्रिया 14 वर्ष, अंजली 14 वर्ष, रंजना 12 वर्ष, देवकी 13 वर्ष, शिवानी 13 वर्ष, प्रियंका 14 वर्ष, अनीता 14 वर्ष और शिल्पी 13 वर्ष आदि शामिल रहीं।
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