फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   तुलसी जन्म भूमि की प्रमाणिकता के साक्ष्य जुटा रहे हैं पुरोहित

तुलसी जन्म भूमि की प्रमाणिकता के साक्ष्य जुटा रहे हैं पुरोहित

Wed, 13 Feb 2019 10:59 PM IST
faeem faeem faeem faeem
Updated Wed, 13 Feb 2019 10:59 PM IST
विज्ञापन
तुलसी जन्म भूमि की प्रमाणिकता के साक्ष्य जुटा रहे हैं पुरोहित
सोरों को तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग - फोटो : अमर उजाला
कासगंज। पुरोहितों का गुस्सा और आंदोलन सिर्फ हवा में ही नहीं हो रहा बल्कि उनके पास ठोस साक्ष्य भी हैं। तमाम खंडहर तुलसीदास जी के जन्म की प्रमाणिकता दे रहे हैं तो वहीं तुलसी की नरहरि पाठशाला भी सरकार की ओर तुलसी के जन्मस्थान के उत्थान को निहार रही है। पुरोहितों ने तुलसी के अलावा समकक्ष कवि अविनाश राय ब्रह्मभट्ट की पुस्तकों के साक्ष्य भी जुटा लिए हैं।
विज्ञापन


पिता आत्माराम शुक्ल हुलसी जिनकी माता थीं, सोरोंजी के कवि तुलसी थे मन में भक्ति राम की थी। इस तरह की पट्टिकाएं आंदोलनकारियों ने तैयार कराईं हैं। राजापुर को तुलसी पीठ दिए जाने के बाद पुरोहितों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। पुरोहितों ने स्पष्ट किया है कि सूकर क्षेत्र के योग मार्ग मोहल्ले में रहने वाले भगवान राम के उपासक आत्माराम दुबे और हुलसी को संवत 1568 के विशाखा नक्षत्र के द्वितीय चरण में पुत्र की प्राप्ति हुई थी। गुरु ने पुत्र का नाम तुलसीदास रखा था। पुरोहितों का कहना है कि तुलसीदास के समकक्ष कवि अविनाश राय ब्रह्मभट्ट की तुलसी प्रकाश पुस्तक में भी तुलसीदास जी का जन्म सोरों में बताया है। तुलसीदास जी ने सोरों की नरहरि पाठशाला में शिक्षा प्राप्त की। इसी तरह के तमाम प्रमाण जुटाकर पुरोहित आज से आंदोलन को तेज गति दे देंगे।
विज्ञापन

पुरोहितों की बात-
- तुलसीदास जी सोरों में ही जन्में थे इसके सैकड़ों प्रमाण हैं। तुलसीदास के पिता आत्माराम शुक्ल सोरों के समीपी गांव श्यामसर के रहने वाले थे। तुलसी के हक के लिए आंदोलन जारी रहेगा। श्रीभगवान उपाध्याय।
विज्ञापन
विज्ञापन

- युवाओं के आंदोलन को पुरोहितों का पूरा समर्थन है। साक्ष्यों सहित तुलसीदास जी के जन्म स्थल का प्रमाण सरकार को भेजे जाएंगे। भारत किशोर दुबे।
बसपा नेता चतुर्वेदी ने दिया समर्थन
सोरों के पुरोहितों की बात को बसपा नेता अजय चतुर्वेदी ने भी समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने नए बजट में राजापुर तुलस ीपीठ घोषित कर करोड़ों रुपये का जो बजट आवंटित किया है। उससे तीर्थ नगरी के साथ छलावा हुआ है। सरकार का यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि सर्वविदित है कि तुलसी जन्मभूमि सोरों सूकर क्षेत्र जिला कासगंज ही है। उन्होंने कहा कि कासगंज और एटा के बाशिंदे भाजपा के फैसले का कड़ा विरोध करते हैं और तीर्थ के लिए आंदोलन का समर्थन करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed