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रसिया के ब्रज में आज से उड़ैगौ गुलाल
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डैमो
मथुरा। आयौ वसंत, रंग लायौ, करि गयौ वसंती, बजमारौ वसंत...। किसी कवि की यह पंक्तियां ब्रज के रसिया ठाकुर बांके बिहारी जी की नगरी पर सटीक बैठती हैं। रविवार से वसंत की धूम ब्रज को गुलाल से सराबोर कर देगी। हर मंदिर में विराजे आराध्य को इस दिन न केवल वसंती पोशाक धारण कराई जाएगी बल्कि आराध्य की ओर से गुलाल उड़ाकर होली का आगाज किया जाएगा।
वसंत पंचमी को ठाकुर बांके बिहारी जी के गालों पर गुलाल लगाया जाएगा तो तीनों आरती के बाद भक्तों पर गुलाल उड़ाया जाएगा। यहां पर रंग भरनी एकादशी पर बिहारी जी तुलसी चबूतरा पर आकर भक्तों के साथ होली खेलेंगे।
द्वारिकाधीश मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी एडवोकेट राकेश तिवारी ने बताया कि रविवार से राजाधिराज को होली के लिए गुलाल धरना प्रारंभ हो जाएगा। यही गुलाल भक्तों पर उड़ाया जाएगा। वहीं श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर केशवदेव जी वसंती शृंगार में दर्शन देेंगे।
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संयुक्त मुख्य अधिशाषी राजीव श्रीवास्तव के अनुसार रविवार से होली महोत्सव प्रारंभ हो जाएगा। अपरान्ह तीन बजे से केशवदेव जी के वसंती शृंगार के दर्शन होंगे। संस्थान के बाल गोपाल शिक्षा सदन में मां सरस्वती जी की पूजा अर्चना की जाएगी। इनके अलावा वृंदावन, बरसाना और गोवर्धन के अलावा मथुरा के रंगेश्वर मंदिर, भूतेश्वर मंदिर, काली देवी, बगुला मुखी, चिंताहरण महादेव में भी वसंती शृंगार के दर्शन होंगे।
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वसंत पंचमी को ठाकुर बांके बिहारी जी के गालों पर गुलाल लगाया जाएगा तो तीनों आरती के बाद भक्तों पर गुलाल उड़ाया जाएगा। यहां पर रंग भरनी एकादशी पर बिहारी जी तुलसी चबूतरा पर आकर भक्तों के साथ होली खेलेंगे।
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द्वारिकाधीश मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी एडवोकेट राकेश तिवारी ने बताया कि रविवार से राजाधिराज को होली के लिए गुलाल धरना प्रारंभ हो जाएगा। यही गुलाल भक्तों पर उड़ाया जाएगा। वहीं श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर केशवदेव जी वसंती शृंगार में दर्शन देेंगे।
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संयुक्त मुख्य अधिशाषी राजीव श्रीवास्तव के अनुसार रविवार से होली महोत्सव प्रारंभ हो जाएगा। अपरान्ह तीन बजे से केशवदेव जी के वसंती शृंगार के दर्शन होंगे। संस्थान के बाल गोपाल शिक्षा सदन में मां सरस्वती जी की पूजा अर्चना की जाएगी। इनके अलावा वृंदावन, बरसाना और गोवर्धन के अलावा मथुरा के रंगेश्वर मंदिर, भूतेश्वर मंदिर, काली देवी, बगुला मुखी, चिंताहरण महादेव में भी वसंती शृंगार के दर्शन होंगे।