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विधिक सेवा प्राधिकरण ने ईओ से तलब की रिपोर्ट
Updated Wed, 28 Nov 2018 11:12 PM IST
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मैनपुरी। नगर पंचायत बेवर में वर्ष 2013-14 में किए गए गबन के मामले में विधिक सेवा प्राधिकरण ने अधिशासी अधिकारी से आख्या मांगी है। पूर्व चेयरमैन ने वर्तमान चेयरमैन प्रतिनिधि पर सरकारी धन के गबन का आरोप लगाकर विधिक सेवा प्राधिकरण में साक्ष्य जमा कराए हैं।
नगर पंचायत बेवर के पूर्व अध्यक्ष अरुण कुमार उर्फ अन्नू दीक्षित ने विधिक सेवा प्राधिकरण में शिकायत की। आरोप लगाया कि वर्ष 2013-14 में तत्कालीन चेयरमैन सरितकांत भाटिया ने अभिलेखों में हेराफरी कर निर्माण कार्यों के नाम पर, सरकारी धन का गबन किया है। शिकायतों के बाद सुनवाई तो दूर, कोई कार्रवाई तक नहीं हुई है।
तत्कालीन चेयरमैन सरिकांत वर्तमान चेयरमैन सुनीति भाटिया के प्रतिनिधि भी हैं। सत्ता के संरक्षण के चलते तत्कालीन चेयरमैन के खिलाफ कोई जांच तक नहीं कराई गई है। पूर्व चेयरमैन अन्नू दीक्षित ने गबन के संबंध में कई साक्ष्य भी जमा कराए। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अवनीश गौतम ने मामले की सुनवाई करने के बाद नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत बेवर से पूरे प्रकरण में की गई शिकायतों के संबंध में बिंदुवार आख्या मांगी है।
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विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने अधिशासी अधिकारी बेवर को दिए आदेश में कहा है इस संबंध में 29 सितंबर को भी प्राधिकरण ने आख्या मांगी थी। लापरवाही बरतते हुए आख्या नहीं भेजी गई है। इससे ऐसा साबित होता है उक्त गबन के प्रकरण में अधिशासी अधिकारी की भी संलिप्तता है।
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नगर पंचायत बेवर के पूर्व अध्यक्ष अरुण कुमार उर्फ अन्नू दीक्षित ने विधिक सेवा प्राधिकरण में शिकायत की। आरोप लगाया कि वर्ष 2013-14 में तत्कालीन चेयरमैन सरितकांत भाटिया ने अभिलेखों में हेराफरी कर निर्माण कार्यों के नाम पर, सरकारी धन का गबन किया है। शिकायतों के बाद सुनवाई तो दूर, कोई कार्रवाई तक नहीं हुई है।
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तत्कालीन चेयरमैन सरिकांत वर्तमान चेयरमैन सुनीति भाटिया के प्रतिनिधि भी हैं। सत्ता के संरक्षण के चलते तत्कालीन चेयरमैन के खिलाफ कोई जांच तक नहीं कराई गई है। पूर्व चेयरमैन अन्नू दीक्षित ने गबन के संबंध में कई साक्ष्य भी जमा कराए। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अवनीश गौतम ने मामले की सुनवाई करने के बाद नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत बेवर से पूरे प्रकरण में की गई शिकायतों के संबंध में बिंदुवार आख्या मांगी है।
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विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने अधिशासी अधिकारी बेवर को दिए आदेश में कहा है इस संबंध में 29 सितंबर को भी प्राधिकरण ने आख्या मांगी थी। लापरवाही बरतते हुए आख्या नहीं भेजी गई है। इससे ऐसा साबित होता है उक्त गबन के प्रकरण में अधिशासी अधिकारी की भी संलिप्तता है।