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एससीएसटी आयोग के पूर्व सदस्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
Updated Sat, 28 Jul 2018 11:56 PM IST
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कासगंज।
उत्तर प्रदेश एससी-एसटी आयोग के पूर्व सदस्य गौरव दयाल वाल्मीकि ने अपने आप को आयोग का सदस्य बताकर जिले में फर्जी प्रोटोकाल हासिल किया। आयोग के अध्यक्ष ब्रजलाल ने इस संबंध में जिलाधिकारी आरपी सिंह को पत्र लिखकर पूर्व सदस्य द्वारा धोखाधड़ी करने की जानकारी दी। अध्यक्ष ने इस मामले में एफआईआर कराने को कहा। जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार ने शहर कोतवाली में गौरव दयाल वाल्मीकि के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
आयोग के अध्यक्ष ब्रजलाल ने स्पष्ट किया है कि गौरव दयाल वाल्मीकि का कार्यकाल दिनांक 2 फरवरी 2018 को पूर्ण हो गया। बावजूद इसके वे खुद को आयोग का सदस्य बताकर प्रोटोकाल प्राप्त कर रहे हैं। जिले में भी आरोपी गौरव दयाल ने 26 जुलाई को अपना भ्रमण कार्यक्रम दर्शाकर एसडीएम, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी नगरपालिका को उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने यहां आकर इन अधिकारियों के साथ बैठक की। आयोग के प्रदेश अध्यक्ष को इस धोखाधड़ी के मामले में जानकारी मिली तो उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई को कहा। पत्र के आधार पर डीएम ने एफआईआर कराने के निर्देश दिए। डीएम के निर्देशों पर तहसीलदार एसपी वर्मा ने धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करा दी है।
26 को आए थे कासगंज
कासगंज। एससीएसटी आयोग के पूर्व सदस्य ने मौजूदा सदस्य के रूप में जिले में 26 जुलाई को नदरई के गेस्ट हाउस में पहुंचकर विश्राम किया। दोपहर में एक बजे आने का कार्यक्रम सदस्य ने दिया था, लेकिन वे देर सायं यहां आए। जहां जिला पंचायतराज अधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे। चाय नाश्ते का पूरा प्रबंध किया गया। वीआईपी बनकर पूर्व सदस्य यहां ठहरकर गए थे।
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उन्नाव, बागरमऊ व अन्य स्थानों पर भी किया था निरीक्षण
कासगंज। एससीएसटी आयोग के पूर्व सदस्य ने उन्नाव, बागरमऊ, सफीपुर, कुशरठ सहित अन्य इलाकों में भी फर्जी प्रोटोकाल के आधार पर भ्रमण किया और सरकारी सुविधाओं का लाभ लिया। इस संबंध में आयोग के प्रदेश अध्यक्ष ब्रजलाल ने लखनऊ में प्रेस नोट जारी करके मीडिया को फर्जीवाड़े की जानकारी दी। यह प्रेस नोट की प्रति जिलाधिकारी को भी दी गई है।
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उत्तर प्रदेश एससी-एसटी आयोग के पूर्व सदस्य गौरव दयाल वाल्मीकि ने अपने आप को आयोग का सदस्य बताकर जिले में फर्जी प्रोटोकाल हासिल किया। आयोग के अध्यक्ष ब्रजलाल ने इस संबंध में जिलाधिकारी आरपी सिंह को पत्र लिखकर पूर्व सदस्य द्वारा धोखाधड़ी करने की जानकारी दी। अध्यक्ष ने इस मामले में एफआईआर कराने को कहा। जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार ने शहर कोतवाली में गौरव दयाल वाल्मीकि के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
आयोग के अध्यक्ष ब्रजलाल ने स्पष्ट किया है कि गौरव दयाल वाल्मीकि का कार्यकाल दिनांक 2 फरवरी 2018 को पूर्ण हो गया। बावजूद इसके वे खुद को आयोग का सदस्य बताकर प्रोटोकाल प्राप्त कर रहे हैं। जिले में भी आरोपी गौरव दयाल ने 26 जुलाई को अपना भ्रमण कार्यक्रम दर्शाकर एसडीएम, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी नगरपालिका को उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने यहां आकर इन अधिकारियों के साथ बैठक की। आयोग के प्रदेश अध्यक्ष को इस धोखाधड़ी के मामले में जानकारी मिली तो उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई को कहा। पत्र के आधार पर डीएम ने एफआईआर कराने के निर्देश दिए। डीएम के निर्देशों पर तहसीलदार एसपी वर्मा ने धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करा दी है।
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26 को आए थे कासगंज
कासगंज। एससीएसटी आयोग के पूर्व सदस्य ने मौजूदा सदस्य के रूप में जिले में 26 जुलाई को नदरई के गेस्ट हाउस में पहुंचकर विश्राम किया। दोपहर में एक बजे आने का कार्यक्रम सदस्य ने दिया था, लेकिन वे देर सायं यहां आए। जहां जिला पंचायतराज अधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे। चाय नाश्ते का पूरा प्रबंध किया गया। वीआईपी बनकर पूर्व सदस्य यहां ठहरकर गए थे।
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उन्नाव, बागरमऊ व अन्य स्थानों पर भी किया था निरीक्षण
कासगंज। एससीएसटी आयोग के पूर्व सदस्य ने उन्नाव, बागरमऊ, सफीपुर, कुशरठ सहित अन्य इलाकों में भी फर्जी प्रोटोकाल के आधार पर भ्रमण किया और सरकारी सुविधाओं का लाभ लिया। इस संबंध में आयोग के प्रदेश अध्यक्ष ब्रजलाल ने लखनऊ में प्रेस नोट जारी करके मीडिया को फर्जीवाड़े की जानकारी दी। यह प्रेस नोट की प्रति जिलाधिकारी को भी दी गई है।