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एटा में 43 लाख के घोटालेबाज प्रधान के अधिकार सीज
Updated Wed, 28 Feb 2018 11:07 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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एटा। जिले की ग्राम पंचायतों में चल रहे खेल को रोकने के लिए डीएम ने कड़ी कार्रवाई की है। 43 लाख रुपये का गबन करने के आरोपी प्रधान के अधिकारों को सीज करते हुए डीएम ने डायट प्राचार्य को जांच सौंपी है। साथ ही ग्राम पंचायत में तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।
जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मजरा जात जैथरा में प्रधान भूप सिंह और पंचायत सचिव रवि कुमार ने मिलकर ग्राम निधि खाते से बिना वर्क आईडी 43 लाख रुपये निकाले थे। मामले में जब जांच हुई, तो पता चला कि आदेश लिए बिना प्रधान ने हैंडपंप और सोलर लाइट के नाम पर धन निकाल लिया और खर्च नहीं किया।
जब जांच में प्रधान से अभिलेख मांगे गए, तो वे अभिलेख नहीं दिखा सके। इसके बाद पंचायत सचिव को घोटाले के आरोप में जेल भेज दिया गया, जबकि प्रधान को जवाब देने के लिए तलब किया गया, लेकिन वो उपस्थित नहीं हुए।
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अब डीएम ने मामले में प्रधान भूप सिंह के सभी वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया है। साथ ही गांव में तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही डीएम ने डायट प्राचार्य मनोज गिरि को मामले की जांच सौंपते हुए 15 दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मजरा जात जैथरा में प्रधान भूप सिंह और पंचायत सचिव रवि कुमार ने मिलकर ग्राम निधि खाते से बिना वर्क आईडी 43 लाख रुपये निकाले थे। मामले में जब जांच हुई, तो पता चला कि आदेश लिए बिना प्रधान ने हैंडपंप और सोलर लाइट के नाम पर धन निकाल लिया और खर्च नहीं किया।
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जब जांच में प्रधान से अभिलेख मांगे गए, तो वे अभिलेख नहीं दिखा सके। इसके बाद पंचायत सचिव को घोटाले के आरोप में जेल भेज दिया गया, जबकि प्रधान को जवाब देने के लिए तलब किया गया, लेकिन वो उपस्थित नहीं हुए।
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अब डीएम ने मामले में प्रधान भूप सिंह के सभी वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया है। साथ ही गांव में तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही डीएम ने डायट प्राचार्य मनोज गिरि को मामले की जांच सौंपते हुए 15 दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।