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कभी भी बंद हो सकता है 1.28 लाख बच्चों का भोजन
Updated Wed, 21 Feb 2018 08:08 PM IST
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मैनपुरी। परिषदीय स्कूल में पढ़ने वाले 1.28 लाख छात्र-छात्राओं के लिए संचालित मध्यान्ह भोजन व्यवस्था कभी भी बंद हो सकती है। एक तरफ जहां पिछले चार महीने से मध्यान्ह भोजन के लिए कन्वर्जन कास्ट नहीं पहुंची है। वहीं जिला समन्वयक का पद रिक्त होने के कारण भी समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
परिषदीय स्कूलों के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत शासन द्वारा मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की गई है, लेकिन समय से धनराशि का आवंटन न होने के कारण जनपद में संचालित इस योजना पर कभी भी ग्रहण लग सकता है। मध्यान्ह भोजन के लिए रसोइयों की तैनाती की गई है, लेकिन इन रसोइयों को सात माह से मानदेय नहीं मिला है। जिससे इनके सामने परिवार के पालन पोषण तक की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं फल वितरण की धनराशि 12 महीने से नहीं उपलब्ध कराई गई है। जबकि अधिकारियों द्वारा फल वितरण के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
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परिषदीय स्कूलों के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत शासन द्वारा मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की गई है, लेकिन समय से धनराशि का आवंटन न होने के कारण जनपद में संचालित इस योजना पर कभी भी ग्रहण लग सकता है। मध्यान्ह भोजन के लिए रसोइयों की तैनाती की गई है, लेकिन इन रसोइयों को सात माह से मानदेय नहीं मिला है। जिससे इनके सामने परिवार के पालन पोषण तक की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं फल वितरण की धनराशि 12 महीने से नहीं उपलब्ध कराई गई है। जबकि अधिकारियों द्वारा फल वितरण के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
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