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आईआईटी जांच पर टिका रुक्मिणी विहार का आवंटन
Updated Sun, 11 Feb 2018 07:45 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मथुरा। विकास प्राधिकरण की सबसे बड़ी आवासीय कालोनी रुक्मिणी विहार में आवासों का आवंटन आईआईटी जांच पर टिक गया है। इसके कारण आवंटियों को आवास तक नहीं मिल पा रहे हैं। खराब गुणवत्ता के आवासों की जांच प्राधिकरण ने आईआईटी को सौंपी है।
रुक्मिणी विहार के करीब 650 आवंटियों को मकान नहीं मिल पा रहे हैं। निर्माण के कुछ दिन बाद ही जर्जर हुए इन आवासों की शिकायत जब आवंटियों ने प्राधिकरण के अधिकारियों से की तो उनके द्वारा इनकी खराब गुणवत्ता की जांच आईआईटी से कराने की कार्रवाई की।
उधर, प्रथम दृष्टया निर्माण में लापरवाही मानते हुए तीन ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट भी कर दिया। अभी तक 650 मकानों के गुणवत्ता की जांच आईआईटी नहीं कर सकी है। उसके द्वारा सर्वे कर लिया गया है। आवास पर कब्जा पाने के लिए आवंटी प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे हैं।
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दो दिन पूर्व मनी पाड़ा निवासी विवेक गौतम ने इस संबंध मेें प्राधिकरण उपाध्यक्ष से मिलकर आवास पर कब्जे की मांग की। विवेक गौतम ने यह आवास वर्ष 2013 में अपने नाम पर लिया था। एक्सईएन अर्जुन सिंह तोमर ने बताया कि आईआईटी जांच के बाद ही इन आवासों को ठीक किया जा सकेगा।
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रुक्मिणी विहार के करीब 650 आवंटियों को मकान नहीं मिल पा रहे हैं। निर्माण के कुछ दिन बाद ही जर्जर हुए इन आवासों की शिकायत जब आवंटियों ने प्राधिकरण के अधिकारियों से की तो उनके द्वारा इनकी खराब गुणवत्ता की जांच आईआईटी से कराने की कार्रवाई की।
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उधर, प्रथम दृष्टया निर्माण में लापरवाही मानते हुए तीन ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट भी कर दिया। अभी तक 650 मकानों के गुणवत्ता की जांच आईआईटी नहीं कर सकी है। उसके द्वारा सर्वे कर लिया गया है। आवास पर कब्जा पाने के लिए आवंटी प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे हैं।
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दो दिन पूर्व मनी पाड़ा निवासी विवेक गौतम ने इस संबंध मेें प्राधिकरण उपाध्यक्ष से मिलकर आवास पर कब्जे की मांग की। विवेक गौतम ने यह आवास वर्ष 2013 में अपने नाम पर लिया था। एक्सईएन अर्जुन सिंह तोमर ने बताया कि आईआईटी जांच के बाद ही इन आवासों को ठीक किया जा सकेगा।