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पर्वतारोहण को खेल का दर्जा मिले : अनिता
Updated Tue, 02 Jan 2018 08:01 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
वृंदावन (मथुरा)। दो बार एवरेस्ट चोटी फतह कर चुकीं जांबाज पर्वतारोही अनीता कुंडू का अगला लक्ष्य कंचनजंगा चोटी फतह करना है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभिमान की आवाज बन चुकीं अनिता मंगलवार को वात्सल्य ग्राम स्थित संविद् गुरुकुलम् स्कूल में बच्चों से मिलने आईं थीं।
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि कमजोर आर्थिक परिवेश और पिता का साया जल्द सिर से उठ जाने के बावजूद उन्होंने हाथों में तिरंगा लहराने के पिता के सपने को अपना लक्ष्य बनाकर ही पर्वतारोहण के क्षेत्र में कदम रखा। उनका जन्म हरियाणा में हुआ। उन्होंने पहली बार नेपाल और दूसरी बार चीन की तरफ से एवरेस्ट फतह की।
करनाल में पुलिस इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत अनिता ने कहा कि पर्वतारोहण को एक खेल का दर्जा न दिए जाने का दर्द उन्हें खलता है। उनकी मांग है कि एक नियोजित खेल नीति पर्वतारोहण को बढ़ावा देने के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि उनका मकसद इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने से कहीं ज्यादा इसे एक नया आयाम देते हुए दुनियाभर की सभी चोटियां फतह करना है।
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उन्होंने पत्रकारों को बताया कि कमजोर आर्थिक परिवेश और पिता का साया जल्द सिर से उठ जाने के बावजूद उन्होंने हाथों में तिरंगा लहराने के पिता के सपने को अपना लक्ष्य बनाकर ही पर्वतारोहण के क्षेत्र में कदम रखा। उनका जन्म हरियाणा में हुआ। उन्होंने पहली बार नेपाल और दूसरी बार चीन की तरफ से एवरेस्ट फतह की।
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करनाल में पुलिस इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत अनिता ने कहा कि पर्वतारोहण को एक खेल का दर्जा न दिए जाने का दर्द उन्हें खलता है। उनकी मांग है कि एक नियोजित खेल नीति पर्वतारोहण को बढ़ावा देने के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि उनका मकसद इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने से कहीं ज्यादा इसे एक नया आयाम देते हुए दुनियाभर की सभी चोटियां फतह करना है।
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