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मानव में समानता एकता लाना ही संत पीर पेगंबरों का कर्म
Updated Fri, 03 Nov 2017 11:19 PM IST
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एक कैंप कार्यालय पर निरंकारी सतसंग करते अनुयाई
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एटा। संत निरंकारी मिशन द्वारा निरंकारी सत्संग का आयोजन निधौली में हुआ। जहां बदायूं से आए निरंकारी संत दयाराम ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा कि मानव में समानता और एकता लाना ही संतों पीर-पैगंबरो का कर्म है।
शुक्रवार को हुए 70वे निरंकारी संत समागम में संत दयाराम ने कहा कि मानव एकता और समानता लाने का एक अभिन्य जरिया है, जहां मानव एक निरंकार परमात्मा को जानकर एकता के सूत्र में बंध जाता है।
निरंकारी मिशन का यह मानना है कि मानव ने भले ही अपने आपको विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं, पहनावे, रंग-नस्ल के आधार पर बांट लिया है लेकिन जब भी इस धरती पर गुरू पीर पैगंबर अवतरित हुए हैं तो उन्होंने सोई और बिछड़ी हुई मानव को एकता सूत्र में बांधने का प्रयास किया है। सत्संग का संचालन कुंवरबहादुर ने किया।
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श्रद्धालुओं में महेंद्रपाल दुवे, किशनपाल, राजकुमार, डोरी लाल, ऋषि, अमित कुमार, परमानंद, राकेश, पूरनलाल, शिवकुमार, गजेंद्र, विरेंद्र, संजय, अमरसिंह, बबलू, सुधा, सरोज, नेहा, प्रेमलता, राधा, अंजू, कुशुम, नीरज, कोमल, संगीता आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को हुए 70वे निरंकारी संत समागम में संत दयाराम ने कहा कि मानव एकता और समानता लाने का एक अभिन्य जरिया है, जहां मानव एक निरंकार परमात्मा को जानकर एकता के सूत्र में बंध जाता है।
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निरंकारी मिशन का यह मानना है कि मानव ने भले ही अपने आपको विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं, पहनावे, रंग-नस्ल के आधार पर बांट लिया है लेकिन जब भी इस धरती पर गुरू पीर पैगंबर अवतरित हुए हैं तो उन्होंने सोई और बिछड़ी हुई मानव को एकता सूत्र में बांधने का प्रयास किया है। सत्संग का संचालन कुंवरबहादुर ने किया।
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श्रद्धालुओं में महेंद्रपाल दुवे, किशनपाल, राजकुमार, डोरी लाल, ऋषि, अमित कुमार, परमानंद, राकेश, पूरनलाल, शिवकुमार, गजेंद्र, विरेंद्र, संजय, अमरसिंह, बबलू, सुधा, सरोज, नेहा, प्रेमलता, राधा, अंजू, कुशुम, नीरज, कोमल, संगीता आदि मौजूद रहे।