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बोरवेल में गिरे तीन युवक, सुरक्षित बचे
Updated Wed, 01 Nov 2017 11:25 PM IST
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नलकूप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भोगांव (मैनपुरी)। थाना क्षेत्र के गांव गढिया गोविंदेपुर में बुधवार शाम को बोरवेल में सफाई करने के दौरान युवक गिर गया। दो साथी उसे बचाने के लिए उतरे। उन पर भी मिट्टी ढह गई। तीन युवकों के बोरवेल में गिरने की जानकारी होते ही गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता के मशक्कत के बाद तीनों युवकों को सकुशल बाहर निकाला।
थाना क्षेत्र के गांव गढिया गोविंदेपुर निवासी 22 वर्षीय रमाकांत बुधवार शाम करीब 2.30 बजे खेत पर लगी बोरिंग की सफाई कर रहा था। पास ही मामा का लड़का अनुज और रजनेश निवासी मऊदरवाजा जनपद फर्रुखाबाद मिट्टी निकाल रहे थे। तभी अचानक मिट्टी की ढाय खिसक गई। इससे रमाकांत 11 फीट गहरी बोरिंग में दब गया।
जानकारी होने के बाद गांव में हडकंप मच गया। इस बीच रमाकांत को निकालने का प्रयास कर रहे अनुज और रजनेश पर मिट्टी की ढाय गिर गई। तीनों लोग मिट्टी में दब गये। आनन फानन में ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही फावड़ों और जेसीबी से खुदाई शुरू करा दी गई।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने बोरवेल में दबे तीनों युवकों को करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। रमाकांत को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अनुज और रजनीश को उपचार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
थाना क्षेत्र में बोरवेल में ग्रामीणों के दबने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व 22 फरवरी 2017 को गांव मौजेपुर निवासी हृदेश सिंह बोरवेल में गिर गया था। बचाने उतारे पांच लोग भी मिट्टी के नीचे दब गए थे। चार घंटे की मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया था। हादसे में हृदेश की मौत हो गई थी।
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थाना क्षेत्र के गांव गढिया गोविंदेपुर निवासी 22 वर्षीय रमाकांत बुधवार शाम करीब 2.30 बजे खेत पर लगी बोरिंग की सफाई कर रहा था। पास ही मामा का लड़का अनुज और रजनेश निवासी मऊदरवाजा जनपद फर्रुखाबाद मिट्टी निकाल रहे थे। तभी अचानक मिट्टी की ढाय खिसक गई। इससे रमाकांत 11 फीट गहरी बोरिंग में दब गया।
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जानकारी होने के बाद गांव में हडकंप मच गया। इस बीच रमाकांत को निकालने का प्रयास कर रहे अनुज और रजनेश पर मिट्टी की ढाय गिर गई। तीनों लोग मिट्टी में दब गये। आनन फानन में ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही फावड़ों और जेसीबी से खुदाई शुरू करा दी गई।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने बोरवेल में दबे तीनों युवकों को करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। रमाकांत को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अनुज और रजनीश को उपचार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
थाना क्षेत्र में बोरवेल में ग्रामीणों के दबने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व 22 फरवरी 2017 को गांव मौजेपुर निवासी हृदेश सिंह बोरवेल में गिर गया था। बचाने उतारे पांच लोग भी मिट्टी के नीचे दब गए थे। चार घंटे की मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया था। हादसे में हृदेश की मौत हो गई थी।