{"_id":"59e782694f1c1b8e698b6746","slug":"181508344425-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऐसे तो नहीं होगा स्वच्छ भारत का सपना पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऐसे तो नहीं होगा स्वच्छ भारत का सपना पूरा
Updated Wed, 18 Oct 2017 10:46 PM IST
विज्ञापन
स्वच्छ भारत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। प्रधानमंत्री का भारत को स्वच्छ बनाने का सपना हैं। प्राथमिकता पर ग्रामीण क्षेत्रों में घर घर शौचालय बनवाए जा रहे हैं। जनपद को दिसंबर माह के अंत तक खुले में शौच से मुक्त कराने का लक्ष्य हैं। इसके लिए प्रशासन के अधिकारी व कर्मी जुटे हैं। वहीं दूसरी ओर निर्मित शौचालयों में ताले लटके हुए हैं।
सिटी मोहल्ला में सुलभ सामुदायिक शौचालय का निर्माण कई वर्ष पहले हो चुका है। हालांकि अब तक इसका संचालन नहीं हो सका है। शौचालयों के संचालन नहीं होने से गरीब लोग सुबह अंधेरे में पास की रेल की पटरियों पर शौच जाने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि यदि इसे शुरू कर दिया जाए तो काफी लोगों को सुविधा हो जाएगी।
सिटी मोहल्ला निवासी भगवानदास का कहना है कि सुबह को लोग रेल की पटरियों पर गंदगी करते हैं। इससे यहां से निकलना भी मुश्किल हो जाता हैं। सिटी मोहल्ला निवासी दाताराम का कहना है कि सरकार स्वच्छता के प्रचार प्रसार के लिए खर्च कर रही हैं। शौचालय बनवा रही हैं, लेकिन बने सार्वजनिक शौचालय का शुरू न होने से स्वच्छता मिशन कैसे पूरा होगा?
विज्ञापन
विज्ञापन
सिटी मोहल्ला में सुलभ सामुदायिक शौचालय का निर्माण कई वर्ष पहले हो चुका है। हालांकि अब तक इसका संचालन नहीं हो सका है। शौचालयों के संचालन नहीं होने से गरीब लोग सुबह अंधेरे में पास की रेल की पटरियों पर शौच जाने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि यदि इसे शुरू कर दिया जाए तो काफी लोगों को सुविधा हो जाएगी।
विज्ञापन
सिटी मोहल्ला निवासी भगवानदास का कहना है कि सुबह को लोग रेल की पटरियों पर गंदगी करते हैं। इससे यहां से निकलना भी मुश्किल हो जाता हैं। सिटी मोहल्ला निवासी दाताराम का कहना है कि सरकार स्वच्छता के प्रचार प्रसार के लिए खर्च कर रही हैं। शौचालय बनवा रही हैं, लेकिन बने सार्वजनिक शौचालय का शुरू न होने से स्वच्छता मिशन कैसे पूरा होगा?
विज्ञापन