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पिता-पुत्र की हत्या में एक को आजीवन कारावास
Updated Fri, 15 Sep 2017 11:00 PM IST
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प्रतीकात्मक चित्र
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एटा।
जुगाड़ लूटने की मंशा से पिता-पुत्र की हत्या करने वाले एक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है, जबकि एक को बरी कर दिया है। वहीं हत्या में शामिल एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। मामले को लेकर विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र मृदुला कुमार ने फैसला सुनाया।
बताते चले कि 15 वर्ष पूर्व 15 दिसंबर 2002 को हाथरस जिले के भगवंतपुर निवासी भगवान सिंह और उनके पुत्र उमाशंकर की सोरों क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच में पाया गया कि जो नाती बाबा की जुगाड़ को किराए पर लेकर आए थे। उन्होंने जुगाड़ लूटने की मंशा से हत्या को अंजाम दिया था। जिसमें रविंद्र पुत्र मुंशीलाल निवासी अजीत नगर थाना नगला सिंघी जिला फिरोजाबाद, रमनपाल उर्फ नंदू पुत्र महेंद्र सिंह, शिशुपाल पुत्र कप्तान सिंह निवासी अल्लैहपुर थाना गंजडुंडवारा जिला एटा शामिल है। पंद्रह साल तक चले मामले में शिशुपाल की पिछले दिनों मृत्यु हो चुकी है। वहीं रमनपाल को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया गया है। उधर, दोनों हत्याओं में रविंद्र को दोषी करार दिया गया है। इसमें आजीवन कारावास के साथ 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
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जुगाड़ लूटने की मंशा से पिता-पुत्र की हत्या करने वाले एक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है, जबकि एक को बरी कर दिया है। वहीं हत्या में शामिल एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। मामले को लेकर विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र मृदुला कुमार ने फैसला सुनाया।
बताते चले कि 15 वर्ष पूर्व 15 दिसंबर 2002 को हाथरस जिले के भगवंतपुर निवासी भगवान सिंह और उनके पुत्र उमाशंकर की सोरों क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच में पाया गया कि जो नाती बाबा की जुगाड़ को किराए पर लेकर आए थे। उन्होंने जुगाड़ लूटने की मंशा से हत्या को अंजाम दिया था। जिसमें रविंद्र पुत्र मुंशीलाल निवासी अजीत नगर थाना नगला सिंघी जिला फिरोजाबाद, रमनपाल उर्फ नंदू पुत्र महेंद्र सिंह, शिशुपाल पुत्र कप्तान सिंह निवासी अल्लैहपुर थाना गंजडुंडवारा जिला एटा शामिल है। पंद्रह साल तक चले मामले में शिशुपाल की पिछले दिनों मृत्यु हो चुकी है। वहीं रमनपाल को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया गया है। उधर, दोनों हत्याओं में रविंद्र को दोषी करार दिया गया है। इसमें आजीवन कारावास के साथ 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
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