एटा। भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ कमेटी के 125वें स्थापना वर्ष पर आयोजित तीर्थ वंदना महोत्सव के तहत मंगलवार को बांस मंडी स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन चैत्यालय में श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। आदिनाथ महिला मंडल की सदस्यों ने भगवान श्रेयांशनाथ की जन्मस्थली सिंहपुरी (सारनाथ) का ऑनलाइन दर्शन-पूजन किया।कार्यक्रम का आयोजन जैन धर्म की साध्वी, तीर्थंकर जन्मभूमि विकास की प्रेरणास्रोत आर्यिका ज्ञानमती माता की प्रेरणा से किया जा रहा है। इस दौरान महिला मंडल की सदस्यों ने आर्यिका ज्ञानमती माता की पूजा-अर्चना कर श्रीफल समर्पित किया और उनके दीर्घायु व शतायु होने की मंगलकामना की। जैन महिला संगठन की अध्यक्ष बबिता जैन प्रेरणा ने कहा कि तीर्थों की सुरक्षा और संरक्षण समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। देश के प्रमुख जैन तीर्थ क्षेत्रों पर अनधिकृत कब्जे और अन्य विवादों की स्थिति चिंता का विषय है। समाज को शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखने के साथ ही तीर्थ क्षेत्रों से निरंतर जुड़ना चाहिए। इस दौरान महिलाओं ने तीर्थ बचाओ, धर्म बचाओ के नारे लगाए। उन्होंने बताया कि 25 और 26 अक्टूबर को अयोध्या में शरद पूर्णिमा महोत्सव के तहत आर्यिका ज्ञानमती माताजी का 93वां जन्म जयंती उत्सव मनाया जाएगा। माता की प्रेरणा से मांगी तुंगी में भगवान ऋषभदेव की 108 फुट ऊंची प्रतिमा सहित अनेक ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। कार्यक्रम के अंतिम चरण में चालीसा मंगल आरती और बारहमासा पाठ हुआ। कमलेश जैन, स्नेहलता जैन, आशा जैन, डॉ. रूपा जैन, मीता जैन, बबली जैन, अंजू जैन, राज जैन, गरिमा जैन, तृप्ति जैन, रक्षा जैन, रजनी जैन, सरिता जैन और शुभि जैन समेत अनेक सदस्य मौजूद रहीं।