एटा। जैथरा क्षेत्र के लालपुर गांव में आबादी के बीच संचालित शराब की दुकानों को हटाने की मांग तेज हो गई है। मंगलवार को महिलाओं समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने देशी शराब व अंग्रेजी शराब-बीयर की कंपोजिट दुकान को आबादी से बाहर उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि मौजूदा स्थान पर दुकानों के संचालन से गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है और महिलाओं व बच्चों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।ग्रामीणों ने आबकारी विभाग से दोनों दुकानों का स्थल निरीक्षण कराकर नियमानुसार कार्रवाई की मांग रखी। सुषमा देवी ने कहा कि आबादी के बीच शराब की दुकानें होने से विवाद की स्थिति बनने की आशंका रहती है। युवाओं को शराब की लत लग रही है। मेहनत-मजदूरी करने वाले कामकाजी लोग शराब पीकर आते हैं, इससे घरों में झगड़ा होता है। महिलाओं ने जनहित को देखते हुए दुकानों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की मांग की। इसके विरोध में एक अक्टूबर को बड़ी संख्या में महिलाओं ओर ग्रामीणों ने शराब की दुकानों में हंगामा किया था। शराब की पेटियां सड़क पर फेंक दी थी। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह ने कहा कि शराब की दुकान बंद कराए जाने को लेकर गांव में विवाद हुआ था। जिसके बाद जैथरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें 18 लोगों के नाम शामिल होने के साथ करीब 30-40 अज्ञात महिला-पुरुषों का भी उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मामले की जांच निष्पक्ष ढंग से कराई जाए। जिन लोगों के खिलाफ आरोप प्रमाणित न हों उनके संबंध में विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी से राहत दी जाए। कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और वास्तविक तथ्यों के आधार पर ही किसी के खिलाफ कार्रवाई हो ताकि निर्दोष ग्रामीणों का उत्पीड़न न हो। डीएम से शीघ्र जांच और आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई। शीतल, दुर्गेश, सर्वेश, शीतल, रेशमा देवी, राजवती, सुनीता, भोमवती, रवि कुमार, बासुदेव, राना, नीलम , केशवती गयादेवी, कंचन देवी समेत सैंकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।