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अब शौचालयों पर दर्ज होगा यूनिक कोड
Updated Sun, 03 Sep 2017 11:53 PM IST
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मैनपुरी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में अब धांधली नहीं हो सकेगी। मिशन के तहत बनाए जाने वाले शौचालयों पर यूनिक कोड दर्ज किया जाएगा। पिछले वर्षों में शौचालय निर्माण की धांधलियों को देखते हुए शासन ने यह कवायद की है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत देहात में स्वच्छ शौचालय बनाए गए हैं। शासन को शिकायतें मिली कि कुछ लोगों ने पुराने शौचालयों को ही नए शौचालय के रूप में दर्शाकर सरकार से मिलने वाली घनराशि हड़प ली है। जिसमें ग्राम प्रधान सहित एडीओ पंचायत की मिलीभगत है।
शिकायत पर संज्ञान लेने के बाद शासन ने अब हर शौचालय पर यूनिक कोड अंकित कराने का निर्णय लिया है। जिला परियोजना समन्वयक नीरज शर्मा ने बताया योजना के तहत हर ग्रामसभा के एलजीडी लोकल गवर्नमेंट डारेक्टरी कोड के साथ शौचालय कोड अंकित कराना अनिवार्य होगा।
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एडीओ पंचायत तथा ग्राम प्रधान की देखरेख मेें दो अक्टूबर 2014 से पहले बने शौचालयों पर ग्रामसभा वार ग्रामसभा के एलजीडी कोड के बाद 5001 से अंकन शुरू कराया जाएगा। जबकि दो अक्टूबर 2014 के बाद बने शौचालयों पर ग्रामसभा के एलजीडी कोड के बाद 0001 से अंकन कराया जाएगा।
ग्रामसभा वार यूनिक कोड के आधार पर ही शौचालय रजिस्टर तैयार कराया जाएगा। जिसका विभागीय अधिकारी निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन करेंगे। डीपीआरओ सुरेशचंद्र मिश्रा ने बताया शासन के निर्देश का कड़ाई से पालन कर सभी शौचालयों पर निर्धारित समय में यूनिक कोड अंकित कराकर रिपोर्ट देने के निर्देश एडीओ पंचायत, पंचायत सचिव सहित ग्राम प्रधानों को दिए गए हैं।
यूनिक कोड अंकन की रिपेार्ट के बाद डीपीआरओ, जिला परियोजना समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन, एडीओ पंचायत से क्रास चेकिंग कराकर भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।
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स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत देहात में स्वच्छ शौचालय बनाए गए हैं। शासन को शिकायतें मिली कि कुछ लोगों ने पुराने शौचालयों को ही नए शौचालय के रूप में दर्शाकर सरकार से मिलने वाली घनराशि हड़प ली है। जिसमें ग्राम प्रधान सहित एडीओ पंचायत की मिलीभगत है।
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शिकायत पर संज्ञान लेने के बाद शासन ने अब हर शौचालय पर यूनिक कोड अंकित कराने का निर्णय लिया है। जिला परियोजना समन्वयक नीरज शर्मा ने बताया योजना के तहत हर ग्रामसभा के एलजीडी लोकल गवर्नमेंट डारेक्टरी कोड के साथ शौचालय कोड अंकित कराना अनिवार्य होगा।
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एडीओ पंचायत तथा ग्राम प्रधान की देखरेख मेें दो अक्टूबर 2014 से पहले बने शौचालयों पर ग्रामसभा वार ग्रामसभा के एलजीडी कोड के बाद 5001 से अंकन शुरू कराया जाएगा। जबकि दो अक्टूबर 2014 के बाद बने शौचालयों पर ग्रामसभा के एलजीडी कोड के बाद 0001 से अंकन कराया जाएगा।
ग्रामसभा वार यूनिक कोड के आधार पर ही शौचालय रजिस्टर तैयार कराया जाएगा। जिसका विभागीय अधिकारी निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन करेंगे। डीपीआरओ सुरेशचंद्र मिश्रा ने बताया शासन के निर्देश का कड़ाई से पालन कर सभी शौचालयों पर निर्धारित समय में यूनिक कोड अंकित कराकर रिपोर्ट देने के निर्देश एडीओ पंचायत, पंचायत सचिव सहित ग्राम प्रधानों को दिए गए हैं।
यूनिक कोड अंकन की रिपेार्ट के बाद डीपीआरओ, जिला परियोजना समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन, एडीओ पंचायत से क्रास चेकिंग कराकर भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।