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बिना पंजीकरण नहीं बेच सकेंगे किसान अपनी धान
Updated Wed, 30 Aug 2017 11:23 PM IST
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ऐता गांव जहां हाथी ने नष्ट की हैं फसलें।
- फोटो : अमर उजाला
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अब धान बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना होगा। अपंजीकृत किसानों से धान खरीद केंद्रों पर खरीद नहीं की जाएगी। धान खरीद के दौरान आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए शासन ने व्यवस्था में बदलाव किया है। धान खरीद के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
जिले में धान की बंपर पैदावार होती है। इसके लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर अक्टूबर माह में धान की खरीद की जाती है। पिछले वर्ष तक कि सानों को खरीद के बाद भुगतान करने में विभाग को कई दिनों का वक्त लगता था। इसके चलते किसानों का सरकारी क्रय केंद्रों से रुझान खत्म हो गया। इसके लिए शासन ने व्यवस्था में परिवर्तन किया है। सरकारी क्रय केंद्र उन्हीं किसानों से धान खरीद करेंगे, जो खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत होंगे। किसानों को पहले खाद्य विभाग के पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एफएससी डॉट यूपी डॉट एनआईसी डॉट इन पर पंजीकरण कराना होगा।
इसके लिए किसान को अपना खाता संख्या, खतौनी-खसरा की प्रति, पहचान प्रमाण पत्र की प्रति उपलब्ध करानी होगी। जिसके बाद किसान को पंजीकरण प्रमाण पत्र की कापी लेकर धान खरीद केंद्र पर जाना होगा। किसान किसी भी लोकवाणी केंद्र और साइबर कैफे से जाकर आवेदन करा सकेंगे। खाद्य विभाग ने पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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25 सितंबर से होगी खरीद, 11 केंद्रों का अनुमोदन
जिले में 25 सितंबर से शुरू होने वाली धान खरीद के लिए विपणन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीएम ने 11 क्रय केंद्रों का अनुमोदन कर दिया है। जिसमें 3 केंद्र खाद्य विभाग, 7 पीसीएफ और एक केंद्र एफसीआई का है। सरकार ने धान का समर्थन मूल्य इस बार बढ़ा दिया है। पिछले वर्ष 1470 से रुपये से समर्थन मूल्य बढ़ाकर 1550 रुपये कर दिया गया है।
धान खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। किसान खरीद शुरू होने से पंजीकरण करा लें, ताकि बाद में कोई समस्या नहीं हो। किसी भी जनसेवा केंद्र या साइबर कैफे से पंजीकरण कराया जा सकता है। इस बार समर्थन मूल्य बढ़ाकर 1550 रुपये कर दिया गया है। किसानों को कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी।
- प्रज्ञा शर्मा, डिप्टी आरएमओ
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अब धान बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना होगा। अपंजीकृत किसानों से धान खरीद केंद्रों पर खरीद नहीं की जाएगी। धान खरीद के दौरान आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए शासन ने व्यवस्था में बदलाव किया है। धान खरीद के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
जिले में धान की बंपर पैदावार होती है। इसके लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर अक्टूबर माह में धान की खरीद की जाती है। पिछले वर्ष तक कि सानों को खरीद के बाद भुगतान करने में विभाग को कई दिनों का वक्त लगता था। इसके चलते किसानों का सरकारी क्रय केंद्रों से रुझान खत्म हो गया। इसके लिए शासन ने व्यवस्था में परिवर्तन किया है। सरकारी क्रय केंद्र उन्हीं किसानों से धान खरीद करेंगे, जो खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत होंगे। किसानों को पहले खाद्य विभाग के पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एफएससी डॉट यूपी डॉट एनआईसी डॉट इन पर पंजीकरण कराना होगा।
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इसके लिए किसान को अपना खाता संख्या, खतौनी-खसरा की प्रति, पहचान प्रमाण पत्र की प्रति उपलब्ध करानी होगी। जिसके बाद किसान को पंजीकरण प्रमाण पत्र की कापी लेकर धान खरीद केंद्र पर जाना होगा। किसान किसी भी लोकवाणी केंद्र और साइबर कैफे से जाकर आवेदन करा सकेंगे। खाद्य विभाग ने पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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25 सितंबर से होगी खरीद, 11 केंद्रों का अनुमोदन
जिले में 25 सितंबर से शुरू होने वाली धान खरीद के लिए विपणन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीएम ने 11 क्रय केंद्रों का अनुमोदन कर दिया है। जिसमें 3 केंद्र खाद्य विभाग, 7 पीसीएफ और एक केंद्र एफसीआई का है। सरकार ने धान का समर्थन मूल्य इस बार बढ़ा दिया है। पिछले वर्ष 1470 से रुपये से समर्थन मूल्य बढ़ाकर 1550 रुपये कर दिया गया है।
धान खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। किसान खरीद शुरू होने से पंजीकरण करा लें, ताकि बाद में कोई समस्या नहीं हो। किसी भी जनसेवा केंद्र या साइबर कैफे से पंजीकरण कराया जा सकता है। इस बार समर्थन मूल्य बढ़ाकर 1550 रुपये कर दिया गया है। किसानों को कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी।
- प्रज्ञा शर्मा, डिप्टी आरएमओ