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हत्यारोपी बंदी ने जेल में लगाई फांसी, हालत गंभीर
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:36 PM IST
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- फोटो : google
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फिरोजाबाद। एका के नगला बली निवासी संतोष यादव की हत्या में नामजद किए गए आरोपी रमेश चंद्र यादव ने जेल के अंदर शौचालय में अंगौछा से फंासी लगा ली। बंदियों द्वारा शोरगुल किए जाने पर जेल प्रशासन मौके पर पहुंचा और रमेश को फांसी के फंदे से उतार लिया। अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर आगरा रेफर कर दिया गया।
एका थाना क्षेत्र के गांव नगला बली निवासी रमेश चंद्र यादव पुत्र महाराज सिंह यादव को एका थाना पुलिस ने संतोष यादव की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर चार जुलाई को जेल भेजा था। शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे बैरक से बंदियों को बाहर निकाला गया था तभी रमेश यादव जेल परिसर में बने शौचालय में पहुंचा और अंगौछा से फांसी लगा ली।
इसी बीच अन्य बंदी भी शौचालय पहुंचे तो रमेश को फांसी के फंदे पर लटका देखा शोरगुल किया। इस पर बंदी रक्षक भी पहुंच गए। बंदी रक्षकों ने बंदियों की मदद से रमेश को फंदे से नीचे उतारा। जेल अधीक्षक एमए खां को सूचना दी।
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रमेश को आनन फानन में जिला अस्पताल भेजा गया। यहां से आगरा रेफर कर दिया गया। जेल अधीक्षक एमए खां का कहना है कि बंदी की हालत में सुधार है। आगरा मेडिकल कालेज में उसका उपचार चल रहा है। वह कई दिनों से मानसिक रूप से परेशान था।
एका थाना पुलिस द्वारा जेल भेजे गए रमेश ने अपने साथियों और पुत्रों के साथ गांव के ही संतोष यादव को 20 जून की रात पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। संतोष की उपचार के दौरान आगरा में मौत हो गई थी। पुलिस ने एक महिला सहित करीब सात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
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एका थाना क्षेत्र के गांव नगला बली निवासी रमेश चंद्र यादव पुत्र महाराज सिंह यादव को एका थाना पुलिस ने संतोष यादव की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर चार जुलाई को जेल भेजा था। शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे बैरक से बंदियों को बाहर निकाला गया था तभी रमेश यादव जेल परिसर में बने शौचालय में पहुंचा और अंगौछा से फांसी लगा ली।
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इसी बीच अन्य बंदी भी शौचालय पहुंचे तो रमेश को फांसी के फंदे पर लटका देखा शोरगुल किया। इस पर बंदी रक्षक भी पहुंच गए। बंदी रक्षकों ने बंदियों की मदद से रमेश को फंदे से नीचे उतारा। जेल अधीक्षक एमए खां को सूचना दी।
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रमेश को आनन फानन में जिला अस्पताल भेजा गया। यहां से आगरा रेफर कर दिया गया। जेल अधीक्षक एमए खां का कहना है कि बंदी की हालत में सुधार है। आगरा मेडिकल कालेज में उसका उपचार चल रहा है। वह कई दिनों से मानसिक रूप से परेशान था।
एका थाना पुलिस द्वारा जेल भेजे गए रमेश ने अपने साथियों और पुत्रों के साथ गांव के ही संतोष यादव को 20 जून की रात पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। संतोष की उपचार के दौरान आगरा में मौत हो गई थी। पुलिस ने एक महिला सहित करीब सात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।