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कच्चा मकान गिरा, पिता-पुत्री की मौत
Updated Thu, 06 Jul 2017 11:20 PM IST
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मलबे में दबी विवाहिता
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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घिरोर (मैनपुरी)। थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी कल्होर में बुधवार रात हुई तेज बारिश के बाद गुरुवार सुबह धूप निकलने से एक कच्चा मकान ढह गया। मलबे के नीचे दबने से पिता-पुत्री की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के समय मां किसी काम से घर से बाहर गई हुई थी। जानकारी पर तहसीलदार मौके पर पहुंच गए। मृतक के परिवारीजनों को आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गढ़ी कल्होर निवासी प्रकाश सिंह भदौरिया (60) काफ ी गरीब थे। वह गांव में पुरखों के बनाए गए कच्चे मकान में पत्नी उमादेवी व दो पुत्रियों रीता व नीरू के साथ रहते थे। मजदूरी कर परिवारीजनों का भरण पोषण कर रहे थे। कुछ वर्ष पूर्व उन्होंने पुत्री रीता (22) की शादी थाना बरनाहल क्षेत्र के गांव नवाटेडा व नीरू (25) की शादी गांव कनिकपुर खिजरपुर थाना बरनाहल में कर दी थी। कुछ दिन पहले नीरू पिता के घर आई थी।
बुधवार रात को हुई तेज बारिश के चलते कच्चे मकान में नींव तक पानी चला गया। गुरुवार सुबह घर में प्रकाश और उनकी पुत्री नीरू मौजूद थी। पत्नी उमादेवी किसी काम से बाहर गई थीं। सुबह तेज धूप निकली जिससे कच्चे मकान में कई जगह पर दरारें पड़ गईं। करीब नौ बजे अचानक मकान का अगला हिस्सा ढहने लगा पिता-पुत्री कुछ समझ पाते इससे पहले ही पूरा मकान ढह गया। घर में मौजूद पिता-पुत्री मलबे के नीचे दब गए। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग बचाव के लिए पहुंचे। जब तक मलबे को हटाकर दोनों को बाहर निकाला गया तब तक पिता-पुत्री की मौत हो चुकी थी।
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तहसीलदार विनोद जोशी ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। ग्रामीणों ने उन्हें बताया मृतक ने कई बार आवास के लिए आवेदन किया मगर उसे आवास नहीं मिल सका। हाल ही में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दिए जाने वाले आवास सूची में उसका नाम आ गया था। मगर प्रधान आदि की लापरवाही से उसे सहायता नहीं मिल पा रही थी। अगर उसे सही समय पर सरकारी आवास मिल गया होता तो शायद पिता-पुत्री की जान नहीं जाती। गांव में हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद हर कोई गमगीन था। घटना के बाद उमादेवी व सुनीता का रो रोकर बुरा हाल है।
मां कहां है पूछ रही चार साल की मासूम
मृतका नीलू की करीब चार वर्ष की पुत्री भी है। जो कि पिता के साथ है। घटना की जानकारी होने के बाद जब पुत्री मौके पर पहुंची तो उसकी आंखें मां को ढूंढने लगीं। उसने पिता से कई बार पूछा कि मां कहा है। मगर उसे कौन समझाता की उसकी मां अब इस दुनियां में नहीं रही। बच्ची को वहां गांव पहुंची मृतका की बहन सुनीता संभाल रही है।
तहसीलदार विनोद जोशी का कहना है कि मृतक के परिवारीजनों को किसान दुर्घटना बीमा व पुत्री को दैवी आपदा का लाभ दिलाया जाएगा। जांच की जाएगी की सूची में नाम आने के बाद अभी तक आवास क्यों नहीं मिल सका। टूटा आवास भी बनवाया जाएगा।
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गढ़ी कल्होर निवासी प्रकाश सिंह भदौरिया (60) काफ ी गरीब थे। वह गांव में पुरखों के बनाए गए कच्चे मकान में पत्नी उमादेवी व दो पुत्रियों रीता व नीरू के साथ रहते थे। मजदूरी कर परिवारीजनों का भरण पोषण कर रहे थे। कुछ वर्ष पूर्व उन्होंने पुत्री रीता (22) की शादी थाना बरनाहल क्षेत्र के गांव नवाटेडा व नीरू (25) की शादी गांव कनिकपुर खिजरपुर थाना बरनाहल में कर दी थी। कुछ दिन पहले नीरू पिता के घर आई थी।
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बुधवार रात को हुई तेज बारिश के चलते कच्चे मकान में नींव तक पानी चला गया। गुरुवार सुबह घर में प्रकाश और उनकी पुत्री नीरू मौजूद थी। पत्नी उमादेवी किसी काम से बाहर गई थीं। सुबह तेज धूप निकली जिससे कच्चे मकान में कई जगह पर दरारें पड़ गईं। करीब नौ बजे अचानक मकान का अगला हिस्सा ढहने लगा पिता-पुत्री कुछ समझ पाते इससे पहले ही पूरा मकान ढह गया। घर में मौजूद पिता-पुत्री मलबे के नीचे दब गए। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग बचाव के लिए पहुंचे। जब तक मलबे को हटाकर दोनों को बाहर निकाला गया तब तक पिता-पुत्री की मौत हो चुकी थी।
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तहसीलदार विनोद जोशी ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। ग्रामीणों ने उन्हें बताया मृतक ने कई बार आवास के लिए आवेदन किया मगर उसे आवास नहीं मिल सका। हाल ही में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दिए जाने वाले आवास सूची में उसका नाम आ गया था। मगर प्रधान आदि की लापरवाही से उसे सहायता नहीं मिल पा रही थी। अगर उसे सही समय पर सरकारी आवास मिल गया होता तो शायद पिता-पुत्री की जान नहीं जाती। गांव में हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद हर कोई गमगीन था। घटना के बाद उमादेवी व सुनीता का रो रोकर बुरा हाल है।
मां कहां है पूछ रही चार साल की मासूम
मृतका नीलू की करीब चार वर्ष की पुत्री भी है। जो कि पिता के साथ है। घटना की जानकारी होने के बाद जब पुत्री मौके पर पहुंची तो उसकी आंखें मां को ढूंढने लगीं। उसने पिता से कई बार पूछा कि मां कहा है। मगर उसे कौन समझाता की उसकी मां अब इस दुनियां में नहीं रही। बच्ची को वहां गांव पहुंची मृतका की बहन सुनीता संभाल रही है।
तहसीलदार विनोद जोशी का कहना है कि मृतक के परिवारीजनों को किसान दुर्घटना बीमा व पुत्री को दैवी आपदा का लाभ दिलाया जाएगा। जांच की जाएगी की सूची में नाम आने के बाद अभी तक आवास क्यों नहीं मिल सका। टूटा आवास भी बनवाया जाएगा।