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UP: मोबाइल बन गया मौत की वजह, भाइयों ने कहे ऐसे शब्द; बहन ने फंदे पर लटक कर दे दी जान
Tue, 28 Jul 2026 11:38 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 28 Jul 2026 11:38 AM IST
सार
आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र में 18 वर्षीय युवती की फंदे से लटकने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि उसे मोबाइल फोन चलाने को लेकर डांटा गया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मृतका का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के फतेहाबाद थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी साबराय में मोबाइल चलाने पर सोमवार सुबह भाइयों की डांट से आहत होकर एक युवती ने फंदे से लटककर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार गांव गढ़ी साबराय निवासी राम खिलाड़ी की पुत्री मंसा देवी (18) को सोमवार सुबह परिजन ने मोबाइल चलाने पर डांट दिया था। इसके बाद वह अपने भतीजे और भतीजी को स्कूल छोड़ने गई। घर लौटी तब तक परिवार के अन्य सदस्य बाहर चले गए। इसी दौरान युवती ने कमरे में पंखे के हुक से दुपट्टे का फंदा बनाकर जान दे दी।
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कुछ देर बाद उसकी भाभी आरती घर लौटीं तो मंसा को फंदे से लटका देख चीख पड़ीं। सूचना पर परिवार के अन्य लोग और ग्रामीण भी पहुंच गए। फंदे से उतारकर परिजन डॉक्टर के पास ले गए, जहां जांच करने के बाद चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर थाना फतेहाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक फतेहाबाद ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि युवती को मोबाइल फोन चलाने पर भाइयाें ने डांटा था। इससे नाराज होकर ही उसने जान दे दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता चल सकेगा। माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। वह तीन भाइयों के साथ रहती थी।
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रील की लत का दुष्प्रभाव, विरोध पर उग्र हो रहे युवा
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि मस्तिष्क में डोपामाइन हार्मोन खुशी, प्रेरणा, याददाश्त और शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाता है। इसे हैप्पीनेस हार्मोन या फील-गुड रसायन भी बोलते हैं। जब कोई मोबाइल पर रील देखता है तो उसे आनंद आने लगता है, जिससे डोपामाइन ज्यादा सक्रिय होता है। इसके चलते रील की लत लग जाती है। परिजन जब इसका विरोध करते हैं तो युवा आवेग में आकर उग्र हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में वह खुद या फिर दूसरे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसी स्थिति किशोरों और युवाओं में तेजी से बढ़ रही है। इसकी वजह, मोबाइल पर रील देखने पर एआई आपकी पसंद को चिह्नित कर लेता है और उसी तरह की कई रील दिखाने लगता है। इससे लत और ज्यादा बढ़ जाती है। खासतौर से 30 सेकंड तक की रील की लत अधिक लग रही है।
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि मस्तिष्क में डोपामाइन हार्मोन खुशी, प्रेरणा, याददाश्त और शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाता है। इसे हैप्पीनेस हार्मोन या फील-गुड रसायन भी बोलते हैं। जब कोई मोबाइल पर रील देखता है तो उसे आनंद आने लगता है, जिससे डोपामाइन ज्यादा सक्रिय होता है। इसके चलते रील की लत लग जाती है। परिजन जब इसका विरोध करते हैं तो युवा आवेग में आकर उग्र हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में वह खुद या फिर दूसरे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसी स्थिति किशोरों और युवाओं में तेजी से बढ़ रही है। इसकी वजह, मोबाइल पर रील देखने पर एआई आपकी पसंद को चिह्नित कर लेता है और उसी तरह की कई रील दिखाने लगता है। इससे लत और ज्यादा बढ़ जाती है। खासतौर से 30 सेकंड तक की रील की लत अधिक लग रही है।
बच्चों में ऐसे लक्षण दिखें तो हो जाएं सतर्क
- बार-बार मोबाइल देखना, छिपकर देखना।
- स्वभाव में बदलाव, कार्यक्षमता घटना।
- सामाजिक गतिविधि कम होना।
- टोकाटाकी पर चिड़चिड़ाना।
- पढ़ाई-लिखाई में मन न लगना।
- परिजन के साथ व्यवहार में बदलाव।
- बार-बार मोबाइल देखना, छिपकर देखना।
- स्वभाव में बदलाव, कार्यक्षमता घटना।
- सामाजिक गतिविधि कम होना।
- टोकाटाकी पर चिड़चिड़ाना।
- पढ़ाई-लिखाई में मन न लगना।
- परिजन के साथ व्यवहार में बदलाव।
ये उपाय करें
- शुरू से ही मोबाइल का सीमित उपयोग करने दें।
- सामाजिक, खेलकूद समेत अन्य गतिविधि बढ़ाएं।
- बच्चों, किशोरों और युवाओं के साथ समय बिताएं।
- विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श और काउंसिलिंग कराएं।
- टेलीमानस पर 24 घंटे सेवा उपलब्ध है। 14416 पर फोन कर परामर्श लें।