{"_id":"5ccc73f1bdec22074a6ad19b","slug":"171556902897-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज: एक साथ नहीं टूटेंगे पुराने भवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज: एक साथ नहीं टूटेंगे पुराने भवन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण के लिए जिला अस्पताल और सीएमओ कार्यालय परिसर के भवन अब एक साथ नहीं टूटेंगे। प्रमुख सचिव ने स्वास्थ्य सेवाओं पर असर को देखते हुए आदेश जारी किए हैं। इतना ही नहीं अस्पताल के अतिरिक्त नर्सेज के लिए 50 बेड की व्यवस्थाएं अलग से की जाएगी।
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा उत्तर प्रदेश ने कहा कि जिला अस्पताल पुरुष, जिला अस्पताल महिला और सीएमओ कार्यालय परिसर के 45 भवनों का ध्वस्तीकरण किया जाना है। इनमें जिला अस्पताल के 26, महिला जिला अस्पताल के 11 और सीएमओ दफ्तर प्रांगण के आठ भवन शामिल हैं। यदि इन भवनों को एक साथ नहीं तोड़ा जाता है तो स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसके मद्देनजर भवन ध्वस्तीकरण से पूर्व सर्वे किया जाए और निर्माण कार्य शुरू होने वाले स्थानों पर भवनों को तोड़ने की प्रक्रिया अपनाई जाए। इतना ही नहीं 300 बेड का अस्पताल के अतिरिक्त 50 बेड नर्सेज हॉस्टल के लिए भी निर्माण होगा और यह दोनों ही भवन आठ मंजिला होंगे। वहीं चिकित्सकों के लिए सबसे ऊंची 10 मंजिला इमारत का निर्माण होगा। इसमें डाक्टरों के लिए आवासीय व्यवस्थाएं रखी जाएगी।
मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 45 भवनों का चयन किया गया था। इनका ध्वस्तीकरण होना तय है लेकिन प्रमुख सचिव ने स्वास्थ्य सेवाएं बहाल रखने के लिए निर्माण की जरूरत के साथ भवनों का ध्वस्तीकरण करने के आदेश जारी किए हैं। यह एक बेहतर पहल हैं इससे निर्माण के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाएं भी सुचारु रूप से संचालित होती रहेगी।
विज्ञापन
डा. अजय अग्रवाल, सीएमओ
विज्ञापन
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा उत्तर प्रदेश ने कहा कि जिला अस्पताल पुरुष, जिला अस्पताल महिला और सीएमओ कार्यालय परिसर के 45 भवनों का ध्वस्तीकरण किया जाना है। इनमें जिला अस्पताल के 26, महिला जिला अस्पताल के 11 और सीएमओ दफ्तर प्रांगण के आठ भवन शामिल हैं। यदि इन भवनों को एक साथ नहीं तोड़ा जाता है तो स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसके मद्देनजर भवन ध्वस्तीकरण से पूर्व सर्वे किया जाए और निर्माण कार्य शुरू होने वाले स्थानों पर भवनों को तोड़ने की प्रक्रिया अपनाई जाए। इतना ही नहीं 300 बेड का अस्पताल के अतिरिक्त 50 बेड नर्सेज हॉस्टल के लिए भी निर्माण होगा और यह दोनों ही भवन आठ मंजिला होंगे। वहीं चिकित्सकों के लिए सबसे ऊंची 10 मंजिला इमारत का निर्माण होगा। इसमें डाक्टरों के लिए आवासीय व्यवस्थाएं रखी जाएगी।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 45 भवनों का चयन किया गया था। इनका ध्वस्तीकरण होना तय है लेकिन प्रमुख सचिव ने स्वास्थ्य सेवाएं बहाल रखने के लिए निर्माण की जरूरत के साथ भवनों का ध्वस्तीकरण करने के आदेश जारी किए हैं। यह एक बेहतर पहल हैं इससे निर्माण के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाएं भी सुचारु रूप से संचालित होती रहेगी।
विज्ञापन
डा. अजय अग्रवाल, सीएमओ